Vastu Tips: घर में अलमारी की सही दिशा क्या होनी चाहिए? इन बातों का रखें ध्यान
Vastu Tips: कई लोग जगह की आभाव की वजह से अलमारी के ऊपर सामान रखते हैं, जो वास्तु के मुताबिक ठीक नहीं माना जाता है। यह आदत नकारात्मकता को बुलावा देने वाला माना गया है। इससे आपकी खुशियों और प्रगति पर किस तरह से बुरा असर पड़ सकता है।

वास्तु के मुताबिक घर में यदि रखे समान व्यवस्थित और उचित दिशा में हो, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे घर में पड़ता है। लेकिन अगर चीजें वास्तु के मुताबिक ना रखी गई हो, तो इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। कई चीजें हैं जिन्हें सही दिशा में रखनी चाहिए।इ इन्हीं में से एक है अलमारी। यह लगभग हर घर में पाई जाती है। इसमें कपड़े और कीमती सामान रखा जाता है। अगर घर अलमारी रखते समय कुछ वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाए तो इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। साथ ही इससे घर की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती है। चलिए जानते हैं कि वास्तु के मुताबिक अलमारी को किस दिशा में रखना चाहिए।
किस दिशा में रखें अलमारी?
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अलमारी को हमेशा घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना बेहद शुभ होता है। इस दिशा में अलमारी रखने से घर में पैसों की कमी नहीं रहती है। इसके अलावा अलमारी को पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं। इन दिशाओं में रखी अलमारी में धन टिकता है और पैसों की कमी नहीं होती है। साथ ही घर में सकरात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।
गलत दिशा
अलमारी को कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में अलमारी रखने से धन हानि और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। साथ ही आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अलमारी के दरवाजे दक्षिण दिशा की तरफ नहीं खुलने चाहिए। ऐसा होने पर आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही अलमारी को अपने बेडरूम में इस तरह से रखा जाना चाहिए उनका दीवार के साथ संपर्क न हो।
सीधे जमीन पर ना रखें
इतना ही नहीं अलमारी को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। इसके नीचे लकड़ी का पटिया, स्टैंड या आधार जरूर लगाएं। अलमारी के नीचे साफ कपड़ा या पन्नी भी बिछा सकते हैं। इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है।
तिजोरी में रखें ये चीजें
वैसे ज्यादातर अलमारी में तिजोरी होती है। ध्यान रखें कि तिजोरी कभी खाली न रखें। उसमें थोड़े ही सही, पैसे या गहने जरूर रखें। अलमारी की तिजोरा में मां लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर जरूर रखनीा चाहिए।वास्तु के अनुसार अलमारी का रंग क्रीम या हल्का पीला होना शुभ माना जाता है। हरे या लाल रंग की अलमारी से बचना चाहिए, क्योंकि ये रंग आर्थिक अस्थिरता ला सकते हैं।
अलमारी के ऊपर ना रखें सामान
अलमारी रखने से पहले उसके नीचे स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। चाहें तो अलमारी के ऊपर भी स्वस्तिक बना सकते हैं। हालांकि कई लोग जगह की आभाव की वजह से अलमारी के ऊपर सामान रखते हैं, जो वास्तु के मुताबिक ठीक नहीं माना जाता है। यह आदत नकारात्मकता को बुलावा देने वाला माना गया है। इससे आपकी खुशियों और प्रगति पर किस तरह से बुरा असर पड़ सकता है। अलमारी के ऊपरी हिस्से को हमेशा साफ, हल्का और खाली रखने की कोशिश करें।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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