वास्तु टिप्स: शंख से दूर होता है वास्तु दोष? रोज शाम को बस कर लें ये छोटा सा काम

Jan 21, 2026 03:11 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

अगर घर में वास्तु दोष होता है तो इससे कई काम अटक जाते हैं। ऐसे में वास्तु दोष को हटाना जरूरी हो जाता है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर शंख की मदद से वास्तु दोष कैसे दूर कर सकते हैं? 

वास्तु टिप्स: शंख से दूर होता है वास्तु दोष? रोज शाम को बस कर लें ये छोटा सा काम

अगर घर का वास्तु सही नहीं होता है तो वास्तु दोष लगता है और इसकी वजह से जिंदगी में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं। बता दें कि ये दोष तब लगता है जब घर का निर्माण सही दिशा में ना हो और किसी भी तरह के वास्तु नियम का पालन ना किया गया हो। इस वजह से अक्सर जिंदगी में तनाव की स्थिति बनी रहती है। घर के मेन गेट से लेकर पूजा घर और किचन से संबंधित कई नियम ऐसे होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करने से वास्तु दोष पैदा होता है। हालांकि इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कुछ ऐसे उपाय भी हैं जो आसानी से वास्तु दोष को खत्म भी कर देते हैं। एक ऐसा ही उपाय शंख से जुड़ा हुआ है।

शंख बजाने से दूर होता है वास्तु दोष

वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार दक्षिणावर्त और वामावर्त शंख से वास्तुदोष दूर होता है। मान्यता है कि जो लोग अपने घर में दक्षिणावर्त शंख को रखते हैं, वहां पर मां लक्ष्मी खुद चलकर आती हैं। ऐसा भी माना जाता है कि जितनी दूर तक शंख की आवाज पहुंचती है, वहां तक किसी भी तरह का रोग नहीं टिक पाता है। नियम के अनुसार अगर घर में हर शाम शंख को बजाया जाए तो दरिद्रता से लेकर आंखों के रोग और क्षय रोग नहीं होते हैं। अगर आपको ये पता चल जाए कि घर के किस कोने में वास्तु दोष है तो वहां पर दक्षिणावर्ती शंख जरूर रख देना चाहिए।

रखें इन बातों का ध्यान

अगर आपके घर में शंख है तो कुछ चीजों का पालन करना जरूरी हो जाता है। वास्तु के नियम के अनुसार शंख को हमेशा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि शंख को कभी भी सीधा जमीन पर नहीं रखना चाहिए। कई लोग शिवलिंग पर शंख से ही जल चढ़ाते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। कुछ नियमों के अनुसार अगर आप शंख में चावल रख देंगे तो इससे लाभ होता है। हालांकि समय-समय पर इसकी सफाई करना जरूरी है। एक नियम के अनुसार कभी भी घर में दो शंख साथ में नहीं रखने चाहिए।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!