Vastu Tips: होली से पहले घर से बाहर कर दें ये चीजें, नेगेटिविटी दूर होते ही जिंदगी में आएंगे सकारात्मक बदलाव
होली की तैयारियां शुरू हो चुकी है। हर एक त्योहार के साथ घर की सफाई विशेष रूप से की जाती है। नीचे विस्तार से जानें कि वास्तुशास्त्र के हिसाब होली से पहले किन चीजों को घर से बाहर कर देना चाहिए?

Vastu Tips for Holi: किसी भी तीज-त्योहार से पहले घर की सफाई होना लाजमी है। हालांकि इसके बाद भी कई लोग घर में ऐसी चीजें रखे रहते हैं जोकि वास्तु के हिसाब से सही नहीं है। त्योहार से पहले घर की सफाई करने का एकमात्र उद्देश्य होता है कि सारी नेगेटिविटी दूर हो जाएंगे और घर के हर एक कोने में पॉजिटिविटी रहे। अब होली आने वाली है। हर कोई होली की तैयारियां में जुट चुका है। रंगभरी एकादशी के से ही लोग होली की मस्ती में झूमते दिखेंगे। हिंदू पंचांग के हिसाब से इस बार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। वास्तुशास्त्र के हिसाब से किसी भी त्योहार से पहले घर की साफ-सफाई सही तरीके से करनी चाहिए और इस दौरान कुछ चीजों को घर से बाहर कर देना चाहिए। ऐसा करने से घर से सारी नेगेटिविटी बाहर चली जाती है और घर में खुशहाली आती है।
घर से बाहर कर दें ये चीजें
शास्त्र के हिसाब से होली नजदीक आते ही घर में टूटी पड़ी हुई चीजों को सबसे पहले बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। इसके अलावा अगर घर में कोई बंद घड़ी पड़ी है तो इसे भी बाहर कर देना चाहिए। शास्त्र के हिसाब से घर में तीज-त्योहार जैसे पावन दिनों में टूटी हुई चप्पल या जूते नहीं होने चाहिए। साथ ही घर से टूटे हुए बर्तन भी निकाल देने चाहिए। अगर ये चीजें घर में हैं तो होली से पहले इन्हें बाहर कर देने से हर एक कोने में पॉजिटिवि एनर्जी आएगी। दरअसल इन चीजों में नेगेटिव एनर्जी रहती है और इनके होने से घर की पॉजिटिविटी इफेक्ट होती है। ऐसे में इनको हटा देना ही उचित होता है।
पूजा घर से दूर करें ये चीजें
वहीं घर के पूजा स्थल से आप टूटी हुई मूर्तियां हटा देंगे तो घर का वास्तु अपने आप ही ठीक हो जाएगा। आम तौर पर देखा जाता है कि लोग खंडित पड़ी हुई मूर्तियों को इकट्ठा करके रख लेते हैं ताकि मौका मिलते ही उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दिया जाए। ऐसे में ये खंडित चीजें घर में कई दिनों तक रह जाती है और इनके नेगेटिव वाइब्रेशन से घर का वास्तु गड़बड़ा जाता है। इसी वजह से किसी भी त्योहार या पूजा से पहले इन्हें किसी भी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। वहीं अगर घर में कोई टूटा हुआ शीशा है तो उसे भी इस दौरान घर से बाहर का रास्ता दिखा देना ही बेहतर माना जाता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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