वास्तु टिप्स: घर में कलेश की वजह बनती हैं ये 3 चीजें, आज ही करें बदलाव नहीं तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Feb 18, 2026 11:39 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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अगर घर में अचानक से ही भारी-भारी सा महसूस होने  लगे तो समझ जाए कि वास्तु प्रभावित हो रहा है। ऐसे में घर से नेगेटिविटी फैलानी वाली चीजों को तुरंत बाहर कर दें। 

वास्तु टिप्स: घर में कलेश की वजह बनती हैं ये 3 चीजें, आज ही करें बदलाव नहीं तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

हर कोई चाहता है कि घर ऐसा हो जहां पर एकांत और खुशहाली वाला माहौल हो ताकि सुकून मिल सके। हालांकि हर बार स्थिति सेम नहीं रहती है। कई बार बिना किसी बात के भी घर का माहौल भारी-भारी सा लगने लगता है। कई बार ऐसा होता है कि छोटी-छोटी बात पर भी लड़ाई बढ़ जाती है और मन बैचेन सा हो जाता है। ऐसे में घर में भी पॉजिटिव माहौल नहीं रहता है। वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर में रखी हुई कुछ चीजों और उनकी प्लेसमेंट से नेगेटिविटी बढ़ता है। अक्सर लोग जाने-अनजाने में ऐसी चीजों को घर में रख देते हैं, जो माहौल को खराब करते हैं। अगर समय रहते हुए इन चीजों को घर से बाहर नहीं किया जाए तो स्थिति और भी खराब हो सकती है। तो ऐसे में जानते हैं कि आखिर घर में किन चीजों को नहीं रखना चाहिए? नीचे जानें इससे जुड़े वास्तु टिप्स के बारे में...

घर में ना रखें ये चीजें

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में कुछ चीजों का होना सही नहीं होता है। शास्त्र के अनुसार घर में कभी भी बंद पड़ी हुई घड़ी को नहीं रखा जाता है। खराब घड़ी को हमेशा घर से बाहर कर देना चाहिए। अगर घड़ी ऐसी स्थिति में है कि उसे ठीक किया जा सकता है तो मरम्मत जल्दी करवा लें नहीं तो इसे घर में रखने से वास्तु बिगड़ता है। वहीं अगर घर में कोई शीशा टूट गया है तो इसे भी घर में ज्यादा समय रखना सही नहीं है। जितना जल्दी आप इसे घर से बाहर कर देंगे, उतना सही होगा। इसके अलावा अगर आप घर के मुख्य द्वार पर चप्पल-जूते निकाल देते हैं और वहीं पर फैलाकर रखते हैं तो इससे भी घर का वास्तु प्रभावित होता है। ऐसे में इन्हें किसी जगह व्यस्थित तरीके से रखना चाहिए।

रखें इन बातों का भी ध्यान

शास्त्र के हिसाब से इन चीजों के भी अलावा कुछ बातें ध्यान में रखनी जरूरी है। कोशिश करें कि घर का मुख्यद्वार हमेशा साफ हो। हो सके तो यहां पर हमेशा साज-सज्जा जरूर होनी चाहिए। वहीं इस बात का भी ध्यान रखें कि किचन में पानी वाली जगह और चूल्हे में दूरी हो। अगर आपको घर में कभी भी भारीपन का एहसास हो तो सुबह-शाम कपूर का धूप जरूर दिखाएं। ये आप रोजाना भी कर सकते हैं। इसी के साथ घर के किसी भी कोने में जाले नहीं लगे होने चाहिए क्योंकि इससे भी घर में नेगेटिविटी आती है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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