Vastu tips: क्या पूजा में आप भी रखते हैं ये चीजें, जानें क्यों खास है इन्हें रखना

Jan 16, 2026 09:15 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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पूजा-पाठ में काम आने वाली वस्तुओं का बहुत अधिक महत्व होता है। इन चीजों को आपको रोज पूजा में इस्तेमाल करना चाहिए। मंदिर में इन्हें रखने से लाभ होता है। लेकिन इनसे जुड़ी कुछ बातों को आपको जानना चाहिए

Vastu tips: क्या पूजा में आप भी रखते हैं ये चीजें, जानें क्यों खास है इन्हें रखना

पूजा-पाठ में काम आने वाली वस्तुओं का बहुत अधिक महत्व होता है। इन चीजों को आपको रोज पूजा में इस्तेमाल करना चाहिए। मंदिर में इन्हें रखने से लाभ होता है। लेकिन इनसे जुड़ी कुछ बातों को आपको जानना चाहिए कि इनका क्या महत्व है, और ये चीजों क्यों आपके मंदिर में होनी चाहिए।यहां आप इन चीजों के बो में जान सकते हैं।

घर में रखें शंख

हर घर में शंख जरूर होना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में शंख होता है वहां लक्ष्मीजी का वास होता है। शंख से विष्णुजी को स्नान भीकराया जाता है। माता लक्ष्मी और विष्णुजी की पूजा में इसे रखना अनिवार्य है। ऐसा कहा जाता है कि शंख में जो भी जल रखा जाता है, वो पवित्र हो जाता है। शंख समुद्रमंथन में निकला था। सूर्य व चंद्र के समान देवस्वरूप है जिसके मध्य में वरुण, पृष्ठ में ब्रह्मा तथा अग्र में गंगा और सरस्वती नदियों का वास है। तीर्थाटन से जो लाभ मिलता है, वही लाभ शंख के दर्शन और पूजन से मिलता है।

पूजा में रखें सुपारी: अगर आप विशेष पूजा करने जा रहे हैं, तो आपको इस पूजा में सुपारी रखनी चाहिए। सुपारी को गणेश जी का स्वरूप माना जाता है। पूजा में काम आने वाली सुपारी छोटी और ऊपर से शिखर जैसे आकार की होती है। इसलिए इसे गणेश स्वरूप मानकर पूजामें जरूर रखा जाता है।

पूजा में रखें अक्षत: पूजा में अक्षत भी रखें जाते हैं। अक्षत को पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। अक्षत चढ़ाने का मतलब है कि हमारी पूजा अक्षत की तरह पूर्ण हो। ध्यान रखें कि अक्षत टूटा हुआ बिल्कुल न हो।

पूजा में रखें दूर्वा: इसे दूब भी कहते हैं। माना जाता है कि समुद्र मंथन के समय अमृत ले जाते समय जो बूंदें पृथ्वी पर गिरीं, उनसे दूब घास उत्पन्न हुई। यह गणेश जी को बेहद प्रिय है।

दीपक : पारंपरिक दीपक मिट्टी का ही होता है। इसमें पांच तत्व हैं मिट्टी, आकाश, जल, अग्नि और वायु। इसलिए इसे पूजा में रखना अनिवार्य है। इसमें घी और रुइ की बाती डालकर प्रज्जव्लित की जात है। इन पांच तत्वों से ही सृष्टि का निर्माण हुआ है। अतः हर हिंदू अनुष्ठान में पंचतत्वों की उपस्थिति अनिवार्य होती है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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