Vastu Tips: किस दिन नहीं खरीदना चाहिए फर्नीचर, जानिए इससे जुड़े वास्तु नियम

Mar 08, 2026 02:53 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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कई बार फर्नीचर घर में गलत जगह और दिशा में रख दिया जाता है, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है। इतना ही नहीं वास्तु के मुताबिक अगर इसे शुभ दिन पर नहीं खरीदा जाए, तो भी यह वास्तु दोष का कारण बन सकता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि फर्नीचर किसी दिन खरीदना चाहिए और इससे जुड़े अन्य नियम भी जानेंगे।

Vastu Tips: किस दिन नहीं खरीदना चाहिए फर्नीचर, जानिए इससे जुड़े वास्तु नियम

घर की सजावट में फर्नीचर का अहम भूमिका होती है। इसके लिए पैसा भी खूब खर्च करना पड़ता है। फर्नीचर सामानों में टेबल, बिस्तर, सोफा, आलमारी आदि आते हैं। ज्यादातर लोग लकड़ी के फर्नीचर को घर में लाते हैं। हालांकि ये लोहे, प्लास्टिक आदि के भी बनते हैं। लेकिन कई बार इसे घर में गलत जगह और दिशा में रख दिया जाता है, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है। इतना ही नहीं वास्तु के मुताबिक अगर इसे शुभ दिन पर नहीं खरीदा जाए, तो भी यह वास्तु दोष का कारण बन सकता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि फर्नीचर किसी दिन खरीदना चाहिए और इससे जुड़े अन्य नियम भी जानेंगे।

किस दिन नहीं खरीदना चाहिए फर्नीचर के सामान
वास्तु के मुताबिक मंगलवार, शनिवार और अमावस्या के दिन फर्नीचर या लकड़ी नहीं खरीदनी चाहिए। इन दिनों को छोड़कर आप किसी भी दिन फर्नीचर खरीद सकते हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि वह फर्नीचर किस पेड़ की लकड़ी का बना हुआ है।

इस बात भी रखें ख्याल
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक अगर अमावस्या वाले दिन ‌शुक्रवार पड़ रहा हो तो भी उस दिन फर्नीचर नहीं खरीदना चाहिए। इससे घर में नकारात्मकता आती है।

किस लकड़ी के फर्नीचर होते हैं शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार किसी सकारात्मक ऊर्जा वाले पेड़ की लकड़ी ही उपयोग में लानी चाहिए। शीशम, चंदन, नीम, अशोक, सागवान, साल व अर्जुन, ये सभी शुभ फल देने वाले होते हैं।

फर्नीचर का आकार
वास्तु के मुताबिक फर्नीचर खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जिन फर्नीचर के किनारे नुकीले होते हैं, उन्हें नहीं खरीदने चाहिए। मान्यता है कि ये नकारात्मक ऊर्जा देते है। इसलिए गोलाकार किनारे वाले फर्नीचर ही खरीदने चाहिए।

कहां ना रखें

फर्नीचर के लिए खरीदी लकड़ी को कभी भी उत्तर, पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। वरना आर्थिक नुकसान होता है। फर्नीचर बनवाने का काम हमेशा उत्तर या पश्चिम दिशा से शुरू करना चाहिए।

कहां रखें लकड़ी का फर्नीचर
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के किसी भी कमरे में, ड्राइंग रूम में या अन्य किसी जगह पर लकड़ी का फर्नीचर रखना चाहते हैं, तो इसके लिए आग्नेय कोण, यानि दक्षिण-पूर्व दिशा बेहद शुभ होती है।। क्योंकि इस दिशा का संबंध काष्ठ, यानि लकड़ी से होता है अतः आग्नेय कोण में लकड़ी का फर्नीचर रखने से उस दिशा से संबंधित तत्वों का शुभ फल प्राप्त होता है।

रंग का भी रखें ख्याल
ध्यान रखें कि काले या बहुत गहरे रंग का फर्नीचर न लें, क्योंकि इससे घर का माहौल भारी लगने लगता है। लाल और पीले रंग का ज्यादा इस्तेमाल भी ठीक नहीं होता, इसलिए इन रंगों को सीमित रखें। कभी भी पुराना, टूटा या खराब फर्नीचर घर में न रखें।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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