
एक दीवार से दो घर या किसी मंदिर, पेड़ की छाया घर पर कब ना पड़े, जानें इनके पीछे का वास्तु
वास्तु में घर को लेकर काफी ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो आपको लाइफ में उन्नति तो कराते हैं, साथ ही आपकी लाइफ में खुशियां भी लाते है, ये नियम आपकी रोज की लाइफ से जुड़े होते हैं,
वास्तु में घर को लेकर काफी ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो आपको लाइफ में उन्नति तो कराते हैं, साथ ही आपकी लाइफ में खुशियां भी लाते है, ये नियम आपकी रोज की लाइफ से जुड़े होते हैं, जैसे आपके घर के मुख्य द्वार से , आपके घर के पास लगे पेड़, बल्ब आदि से। इन नियमों के बारे में आपको जानना चाहिए। इसके अलावा यह भी वास्तु में ध्यान दिया जाता है कि एक दीवार वाले दो घर ना हों और किसी मंदिर की छाया आपके घर में ना पड़े। यहां पढ़ें कहां होने चाहिए आपके घर की चीजें, जिससे वास्तु नियम के अनुसार आप उनका लाभ उठा सकें।
एक दीवार वाला या किसी मंदिर की छाया आपके घर में ना पड़े
अगर आपके घर में दिन के दूसरे और तीसरे पहर में किसी पेड़ या मंदिर की छाया पड़े तो वह ठीक नहीं कहा जाता है ,ऐसा कहा जाता है कि इससे आपको रोग होते हैं। एक दीवार से मिले हुए दो मकान यमराज के समान होते हैं, ऐसा कहा जाता है कि इससे आपके घर के गृहस्वामी का नाश करने वाले होते हैं। अगर आप किसी मार्ग या गली के आखिरी घर में रह रहे हैं. तो यह आपके लिए कष्टदायी माना जाता है।दीपक (बल्ब आदि) का मुख पूर्व अथवा उत्तर की ओर रहना चाहिए। पूर्व अथवा उत्तरमें स्थित द्वार सुख-समृद्धि देनेवाला होता है।
वास्तु के अनुसार किस दिशा में हो आपके घर का दरवाजा
अगर आपका घर का मुख्यद्वार दक्षिण में है, तो यह शुभ नहीं माना जाता है, खासकर घर की महिलाओं के लिए यह दुख का कारण बनता है। इसके अलावा अगर आपके घर मुख्यद्वार अपने-आप खुलता या बन्द होता है, तो वो शुभ नहीं माना जाता है। द्वारके अपने-आप खुलने से उन्माद रोग माना जाता है और अपने-आप बंद होने से दुःख होता है।
वास्तु के अनुसार किस दिशा में हो आपके घर का बेडरुम
अपना बेडरुम को ईशान दिशा में ना बनवाएं। ऐसा कहा जाता है कि पति-पत्नी अगर इस दिशा में सोते हैं, तो आपको बीमारी हो सकती हैं। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि हमेशा पूर्व या दक्षिण को तरफ सिर करके सोना चाहिए। उत्तर या पश्चिमको तरफ सिर करके सोनेसे शरीर में बीमारियां आने लगती हैं, इसके अलावा इस दिशा में सोने से उम्र भी कम होती है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





