Vastu tips: बहुत मेहनत एवं लागत लगाने के बाद भी फैक्ट्री नहीं चले, तो क्या करें

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Vastu tips: अगर आपकी फैक्टरी है और किसी वजह से फैक्टरी नहीं चल पा रही है तो आप कैसे इसे चला पाएंगे और किन वास्तु टिप्स से आप इन्हें अच्छा कर सकते हैं।

yogi sarkar budget has paved the way for blanket factory s rejuvenation

वास्तु के अनुसार अगर आप ऑफिस में या फैक्टरी सभी जगह बैलेंस लाना चाहते हैं तो आपको साउथ से लेकर वेस्ट और उत्तर-पूर्व की दिशाओं को लेकर सभी चीजों के बारे में जानना चाहिए। आपको अगर लग रही है कि पहले आप मेहनत कर रहे थे अच्छा लाभ हो रहा था, लेकिन अब लाभ नहीं हो रहा है तो भी आपको थोड़ा ध्यान देना होगा। आपको देखना होगा कि आपने कोई बड़ा परिवर्तन तो नहीं किया है। इसके अलावा आपको इसके वास्तु को भी ठीक करना होगा। यहां हम आपको बता रहे हैं वास्तु नियम जिन्हें अपनाकर आप वास्तु के अनुसार अपनी फैक्टरी में मुनाफा पा सकते हैं।

वास्तु के अनुसार पूर्व दिशा में फैक्टरी होना सही?

फैक्ट्री उत्तर पूर्व मुखी होना ठीक है। फैक्ट्री का प्लॉट काफी बड़ा हो, फैक्ट्री केवल आगे के हिस्से में लगाई हो, फैक्ट्री का पिछला हिस्सा बिल्कुल खाली हो। इसलिए अगर पीछे कुछ निर्माण है तो उसे कम करा दें। आगे वाले हिस्से में चीजों को लगाएं। आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि फैक्ट्री का ईशान दिशा वाला भाग भारी हो गया हो, दक्षिण पश्चिम दिशा बिल्कुल हल्की और खाली हो गई हो, तो सारी समस्याओं की जड़ निर्माण है, जो वास्तु के नियमों के अनुसार एक बहुत बड़ा दोष है। इससे वास्तु के अनुसार आपको लाभ नहीं होगा। आपके लिए धन की हानि होगी। इसलिए इस चीज का भी ध्यान रखें।

ईशान कोण में कोई अंडरग्राउंड पानी का टैंक

थोड़ा निर्माण पीछे अवश्य करना चाहिए, जो कि भारी भी हो और ऊंचा भी हो। अगर टैंक बनवाना है तो कोशिश करें कि इसे पीछे ना बनवाएं, इसे अंदर की तरफ बनवाएं। आगे की ओर ईशान कोण में कोई अंडरग्राउंड पानी का टैंक बनवाना उचित है। दक्षिण-पश्चिम हिस्सा स्थिरता और कंट्रोल के लिए मानी जाती है।

इस व्यापारी की फैक्ट्री में शुरुआत में सभी प्रमुख चीजें वास्तु के अनुरूप थीं। प्रवेश द्वार उत्तर दिशा में होना चाहिए। बीच की जगह को खाली रखेंगे तो आपके लिए अच्छा रहेगा। उत्तर दिशा में पैसों का और मौकों के लिए आता है। कई बार समस्या के कारण विशेषज्ञ ने सबसे पहले दोनों यूनिटों के बीच टूटी हुई दीवार को बंद ना करें,इ तरह आप वास्तु के अनुसार चीजों को चेंज करेंगे तो आपके पुराने व्यापारी भी वापस आने लगेंगे। बताया कि पुराने ग्राहक लौटने लगे हैं और कारोबार फिर से गति पकड़ रहा है।

डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


विजन

अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।


विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र

कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।


विशेषज्ञता

कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan