वास्तु टिप्स: ट्रैवलिंग के दौरान आपको छू भी नहीं पाएगी नेगेटिव एनर्जी, बस अपने पर्स में रख लें ये चीजें
अगर आप कहीं ट्रैवल कर रहे हैं तो वास्तु के अनुसार अपने पर्स में कुछ चीजें जरूर रखें। इनकी मदद से नेगेटिव एनर्जी आपसे कोसों दूर रहने वाली है। नीचे जानें वास्तु से जुड़े कुछ ऐसे ही नियम जो ट्रैवलिंग में आपकी एनर्जी को प्रोटेक्ट रखेंगे।

Travelling Vastu Tips: अगर कभी भी आपको ऐसा महसूस होता है कि आपके आसपास नेगेटिव एनर्जी ज्यादा बढ़ गई है तो इसे वास्तु शास्त्र की मदद से बैलेंस किया जा सकता है। वास्तु शास्त्र एक ऐसी विद्या है निगेटिविटी को पॉजिटिविटी में बदल सकता है। कई बार हमारे आसपास का माहौल हमारी एनर्जी को बुरी तरह से प्रभावित करती है। इसी वजह से कुछ जगहों पर अचानक से थकान और बैचेनी महसूस होने लगती है। कई दफा तो ऐसा भी लगता है कि किसी पर्टिकुलर जगह पर आकर एनर्जी ड्रेन हो रही है। ऐसा खासकर ट्रैवलिंग के दौरान बहुत होता है क्योंकि हम कई अलग-अलग लोगों और जगहों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में जरूरत है कि हम अपनी एनर्जी और ऑरा को प्रोटेक्ट करने के लिए कुछ चीजें अपने पास रखें। नीचे विस्तार से जानें इस बारे में
ट्रैवलिंग के दौरान रखें ये चीजें
जब भी आप कहीं घूमने जाएं तो वास्तु के अनुसार कुछ विशेष चीजों को अपने पास जरूर रखें। इसके जरिए आपकी एनर्जी और ऑरा सुरक्षित और बैलेंस्ड रहेगी। नियम के अनुसार हमें अपने पर्स में कुछ चीजें जरूर रखनी चाहिए। पर्स में भगवान हनुमान की एक छोटी सी तस्वीर जरूर रखें। आप इसकी जगह पर छोटी हनुमान चालीस भी रख सकते हैं। हालांकि ये सुनिश्चित करें कि अच्छी हालत में सुरक्षित ही रखी जाएं ताकि ये खराब ना हो। इसके अलावा पर्स में कपूर का एक छोटा सा टुकड़ा रखना भी शुभ माना जाता है। आप इसके लिए भीमसेनी कपूर का ही चुनाव करें। कपूर की वजह से एनर्जी सुरक्षित रहेगी और बाहरी बाधाएं आपको प्रभावित नहीं कर पाएंगी।
ये 2 चीजें भी रखना ना भूलें
वास्तु शास्त्र के हिसाब से ट्रैवलिंग के दौरान आपके पास रक्षासूत्र जरूर होगा। अच्छा यही होगा कि आप इसे धारण ही कर लें। अगर ऐसा नहीं करना है तो इसे अपने पर्स में सुरक्षित रख दें। साथ ही आप पर्स में अपने साथ रूद्राक्ष की माला भी रख सकते है। जब रुद्राक्ष आपके पास होगा तो कोई भी नेगेटिविटी आपको नहीं छू सकती है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि ट्रैवलिंग के लिए जाते वक्त पर्स में काले रंग की चीजें ज्यादा ना रखें। इससे नेगेटिविटी आती है। आप हल्के रंग के ही सामान पर्स में रखें। यही सेम नियम आपके ट्रॉली बैग या डफल बैग के लिए भी लागू होते हैं। ट्रैवलिंग से पहले इन चीजों का ध्यान रखेंगे तो कोई भी नेगेटिव एनर्जी आपको प्रभावित कर ही नहीं सकती हैा
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
और पढ़ें



