
Vastu Tips: किस दिशा में लगानी चाहिए पति-पत्नी की तस्वीर? जानिए नियम
मान्यता है कि पति-पत्नी के वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाए रखने के लिए भी वास्तु के नियमों का ख्याल रखना चाहिए। बहुत से लोग अपने जीवनसाथी के साथ तस्वीरें घर की दीवारों पर टांगते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि घर में पति-पत्नी की तस्वीर कहां और कैसे लगानी चाहिए?
घर में यदि वास्तु शास्त्र के नियमों का ख्याल रखा जाए, तो हमारे जीवन में इसका असर सकारात्मक पड़ता है। वहीं, अगर घर में चीजें वास्तु के अनुसार सही दिशा और उचित स्थान पर ना रखी हो, तो इसका परिवार पर नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि घर में पति-पत्नी की तस्वीर कहां और कैसे लगानी चाहिए?
नैऋत्य कोण होता है शुभ
मान्यता है कि पति-पत्नी के वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाए रखने के लिए भी वास्तु के नियमों का ख्याल रखना चाहिए। बहुत से लोग अपने जीवनसाथी के साथ तस्वीरें घर की दीवारों पर टांगते हैं। अगर आप भी टांगने की सोच रह हे हैं, तो वास्तु के अनुसार इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण में लगानी चाहिए। यह दिशा फोटो के लिए सबसे अच्छी है।
बढ़ेगा प्यार
इस दिशा में तस्वीर लगाने से वैवाहिक जीवन अच्छा बना रहता है और दंपति के बीच खूब प्यार बढ़ेगा। साथ ही दोनों के बीच समझदारी भी बढ़ेगी, जो प्यार का काम करेगी। तस्वीर को बेडरूम की दीवार पर, खासकर बिस्तर के पीछे लगाना चाहिए ताकि प्रेम और एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़े।
अन्य जगह
नैऋत्य कोण के अलावा आप पति-पत्नी की तस्वीर को उत्तर दिशा की ओर भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से दोनों के रिश्ते में मिठास आती है और तालमेल बना रहता है। इसके अलावा, ड्राइंग रूम में भी सही दिशा में पति-पत्नी की तस्वीर लगा सकते हैं।
कैसी होनी चाहिए तस्वीर
वास्तु के मुताबिक यदि आप बेडरूम में पति-पत्नी की फोटो लगा रहे हैं, तो ऐसी तस्वीरें लगाएं जिसमें दोनों स्माइल करते हुए नजर आ रहे हों यानी खुश वाली तस्वीर को लगाएं। इससे नकारात्मक प्रभाव कम होता है।
कहां नहीं लगानी चाहिए
- पति-पत्नी की तस्वीर कभी भी बेडरूम के सामने वाली दीवार पर नहीं लगानी चाहिए। यह शुभ नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे मानसिक तनाव बढ़ता है।
- कपल तस्वीर को कभी भी किचन या वॉशरूम वाली दीवार पर भी नहीं लगाना चाहिए। इससे कलह बढ़ता है।
- पति-पत्नी की तस्वीर को दक्षिण दिशा की ओर नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि वास्तु में यह दिशा यमराज और पितरों की मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
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