वास्तु टिप्स : वास्तु के अनुसार कैसे होने चाहिए घर के कमरे और आंगन

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Vastu tips in hindi:इन बातों के बारे में अच्छे से समझना बहुत जरूरी है। यहां आप वास्तु के अनुसार इन चीजों को समझ सकते हैं। इससे आपके घर में वास्तु शांति रहेगी।

वास्तु टिप्स  : वास्तु के अनुसार कैसे होने चाहिए घर के कमरे और आंगन

वास्तु शास्त्र: वास्तु के अनुसार आपके घर का कमरा कैसा होना चाहिए। आपके घर में घुसने से लेकर आंगन तक वास्तु के अनुसार किस तरह व्यवस्था होनी चाहिए, यह आपको जरूर जानना चाहिए। दरअसल हम वास्तु के अनुसार दिशाओं का ज्ञान तो कर लेते हैं, लेकिन इनमें भी कैसी व्यवस्था होनी चाहिए, इसका ज्ञान हम नहीं कर पाते हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि आपके घर में आंगन, कमरे कैसे हो, और सोने का कमरा कैसा होना चाहिए। इन बातों के बारे में अच्छे से समझना बहुत जरूरी है। यहां आप वास्तु के अनुसार इन चीजों को समझ सकते हैं। इससे आपके घर में वास्तु शांति रहेगी।

सोने का कमरा कैसा हो

सोने के कमरे, जिनमें रात्रि के समय हमारी आयु का एक तिहाई हिस्सा इसी में बीतता है, इसलिए इसे पश्चिम या दक्षिण दिशा में बनवाना चाहिए। आपके घर में हर कमरा ऐसा होना चाहिए कि सूर्य की किरणें पहुंचे। आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए हर कमरे में सूर्य का प्रकाश पहुंचना जरूरी है।

कमरे कैसे होने चाहिए

घर में रोशनी की अच्छे से व्यवस्था करें। ऐसा कहा जाता है कि वास्तु के अनुसार जहां अंधेरा होता है, वहां रोगों का स्थान होता है। आपको बता दें कि घर में ऐसा कमरा होना चाहिए कि उसके निकलने का रास्ता अलग होना चाहिए, एक कमरे से दूसरे कमरे में जाने का रास्ता नहीं होना चाहिए।

घरमें होना चाहिए आंगन या बरामदा

घर से सटकर उसके आगे और पीछे थोड़ा बहुत आंगन होना जरूरी है। घर के चारों और बरामदा होना चाहिए। अगर आपके लिए इससे जगह कम पड़ रही है रहने के लिए तो पूर्व, पश्चिम एवम् वक्षिण दिशा में जरूर ही इसे बनवाएं। आपको बता दें कि आरोग्यशास्त्र की दृष्टि से बरामदा होना आपके घर में बहुत जरुरी है।

दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए गेट

दक्षिण दिशा में किसी भी प्रकार का खुलापन नहीं होना चाहिए। यहां हमने पहले भी बताया है कि शौचालय नहीं होना चाहिए। घर में इस स्थान पर भारी सामान भी नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में अगर द्वार है या खिड़की है तो आपके घर में हमेशा नेगेटिव एनर्जी आती रहेगी। इसके अलावा आपके घर में तनाव रहेगा और ऑक्सीजन भी कम रहेगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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