वास्तु टिप्स: घर में डमरू, स्फटिक के पिरामिड, स्वास्तिक से कैसे दूर होंगी परेशानी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

vastu dosh: घर में समस्याएं कम होने का नाम तो नहीं ले रही हैं। कहीं इनका कारण आपके घर का वास्तु दोष तो नहीं। ऐसे में कौन सी ऐसी चीजें हैं जिनसे आप वास्तु  दोष दूर कर सकते हैं।

डमरू वास्तु दोष

घर में बहुत सी समस्याएं आ रही हों, तो वास्तु के कुछ उपाय राहत देंगे। इसके लिए आप मंगल यंत्र से लेकर शिव का डमरू तक अपने घर में रख सकते हैं। इन चीजों को कहां रखना है और इन चीजों के रखने से क्या लाभ होता है। यहां हम आपको बता रहे हैं। इस तरह वास्तु दोषों को आप कम कर लेंगे और आपकी समस्याएं कम होंगी। इन उपायों से पॉजिटिविटी तो आती ही है साथ ही बैलेंस भी आता है।

भगवान शिव का डमरु कहां रखें

अगर आपके घर में डमरु ऐसे ही पड़ा रहता है तो आपको शिव की कृपा नहीं मिलेगी। इसलिए वास्तु के अनुसार डमरु को सही जगह पर रखना चाहिए। एक डमरू घर के ईशान कोण में रख दें। दक्षिण दिशा में एक मंगल यंत्र लगा दें। ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव का डमरु बहुत शुभ होता है, इसे ईशान कोण में घर में रखने से घर से नेगेटिविटी कम होती है। इसलिए इसे ईशान कोण में रखना चाहिए। इससे आपकी परेशानी कम होंगी।

एक चौकोर पीले फ्रेम की घड़ी रखें

घर के मध्य में एक चौकोर पीले फ्रेम की घड़ी रखें या लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बीच में चौकोर पीले फ्रेम की घड़ी लगाना अच्छा माना जाता है, इससे घर में स्थिरता और बैलेंस आता है, जिससे घर में आ रही परेशानियों का अंत होता है। इसे घर के उत्तर या पूर्व में लगा सकते हैं।

चारों कोणों में स्फटिक के पिरामिड

घर के चारों कोणों में स्फटिक के पिरामिड रखें। घर की पश्चिम दिशा में एक पीतल के छोटे से लोटे में फिटकरी भर कर रख दें। स्फटिक के पिरामिड प्राकृतिक क्रिस्टल से बने होते हैं, वास्तु के अनुसार कहा जाता है कि ये पॉजिटिविटी बढ़ाते हैं और आपकी लाइफ में एकाद्रता लाते हैं। इनसे घर के वास्तु दोष शांत होते हैं। इसके साथ क्रिस्टल पिरामिड को अक्सर धन-धान्य लाते हैं इसलिए इन्हे अपने सेफ में रखना चाहिए।

अलग-अलग कोणों में लगाएं स्वास्तिक

वास्तु शास्त्र के अनुसार स्वस्तिक शुभ माने जाते हैं, इन्हें कहीं भी लगा दो,इनसे समृद्धि तो आती है साथ ही पॉजिटिव एनर्जी का भी अहसास होता है। वास्तु के अनुसार अलग-अलग कोणों में अलग-अलग रंग के स्वास्तिक लगाने चाहिए। अग्नि कोण में लाल रंग का स्वस्तिक लगाएं। दक्षिण-पश्चिम में पीले रंग का स्वस्तिक लगाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


विजन

अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।


विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र

कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।


विशेषज्ञता

कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan