Vastu Tips: घर की इस दिशा में बैठकर करें काम, करियर में होगी तरक्की!
Vastu Tips: वास्तु की मानें, तो घर में काम करने के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा सबसे उत्तम है। यह दिशा कुबेर और सफलता की मानी जाती है। इसके अलावा पूर्व और उत्तर दिशा वर्क फ्रॉम होम के लिए सबसे शुभ मानी जाती हैं।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर का हर एक कोना और दिशा बेहद महत्वपूर्ण होता है। मान्यता है कि अगर घर में चीजें वास्तु के मुताबिक ना रखी हों, तो घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच कलह, विवाद और तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। यहां तक अगर हम गलत दिशा में भी बैठकर घर में काम करें, तो इसका असर आपको करियर पर पड़ता है। क्योंकि आज भी बहुत से लोग वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम कर रहे हैं।
आजकल इसका ट्रेंड बढ़ गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में काम करने के लिए सही दिशा का चुनाव करने से न केवल आपके करियर की प्रगति होती है, बल्कि आप मानसिक शांति और ध्यान केंद्रित करने में भी सक्षम होते हैं। चलिए जानते हैं कि किस दिशा में बैठकर काम करना चाहिए।
सही दिशा
ह दिशा कुबेर और सफलता कीवास्तु की मानें, तो घर में काम करने के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा सबसे उत्तम है। य मानी जाती है। इसके अलावा पूर्व और उत्तर दिशा वर्क फ्रॉम होम के लिए सबसे शुभ मानी जाती हैं। वहीं, काम के लिए जो मेज यानी डेस्क इस्तेमाल कर रहे हैं, वो आयताकार या वर्गाकार होनी चाहिए। गोल या टेढ़ी-मेढ़ी मेज से बचें। बैठते समय ध्यान रखें कि आपकी पीठ के पीछे ठोस दीवार हो, खिड़की नहीं। यह स्थिरता प्रदान करता है।
लैपटॉप या गैजेट्स को कहां रखें
ज्यादातर लोग घर से काम करने के लिए लैपटॉप और अन्य गैजेट्स का इस्तेमाल करते हैं। सवाल उठता है कि इसे किस दिशा में रखना चाहिए। वास्तु की मानें, तो मेज के दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) हिस्से में रखना सही माना जाता है। इससे फोकस बढ़ता है और काम में मन लगता है।
इन बातों का रखें ध्यान
बहुत से लोग अपने बेडरूम में काम करते हैं। वास्तु के मुताबिक ऐसा कर ना अशुभ होता है। इससे सुस्ती आती है। संभव हो तो अलग कमरा या कोना चुनें। ध्यान रखें कि हमेशा उत्तर या पूर्व की ओर चेहरा करके बैठें।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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परिचय और अनुभव
धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान




