Vastu Shastra: दक्षिण दिशा में इन चीजों के होने से जिंदगी होगी बेहतर, इस भारी सामान से सुधरेगी आर्थिक स्थिति

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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वास्तु शास्त्र में हर एक दिशा के कई मायने होते हैं। वहीं दक्षिण दिशा को लेकर कई तरह के उपाय बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिर इस दिशा में क्या-क्या रखना चाहिए?

Vastu Shastra: दक्षिण दिशा में इन चीजों के होने से जिंदगी होगी बेहतर, इस भारी सामान से सुधरेगी आर्थिक स्थिति

वास्तु शास्त्र की दुनिया में घर की हर एक दिशा को खास माना जाता है। सभी दिशाएं अपने आप में खास होती हैं और इनका असर अलग-अलग होता है। वहीं बात की जाए दक्षिण दिशा की तो आमतौर पर शास्त्र में इसे स्टेबिलिटी और मजबूती से जोड़कर देखा जाता है। इस दिशा का संबंध घर की मजबूती से जोड़कर तो देखा ही जाता है। साथ ही ऐसा भी माना जाता है कि इस दिशा का सही इस्तेमाल करने से जिंदगी में अच्छा बैलेंस बना रहता है। ऐसे में इस दिशा में रखी हुई चीजों पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। अगर वास्तु के नियमों के अनुसार दक्षिण दिशा की चीजें सजाई जाएं तो घर का माहौल बैलेंस्ड बना रहता है और पॉजिटिव एनर्जी की कोई भी कमी नहीं रहती है। ऐसे में ये जानना बेहद ही जरूरी है कि इस दिशा में कौन सी चीजें रखी जाएं?

दक्षिण दिशा में रखें भारी फर्नीचर

वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार दक्षिण दिशा में भारी सामान रखना सही माना जाता है। हल्की चीजों की बजाय इस दिशा में हमेशा भारी सामान ही रखना चाहिए। अलमारी से लेकर बेड, सोफा और लकड़ी का भारी फर्नीचर इस दिशा में रखना शुभ माना जाता है। शास्त्र के हिसाब से ऐसा करने से घर में मजबूती और स्टेबिलिटी बनी रहती है। इस दिशा में हल्की चीजें रखने से बैलेंस थोड़ा बिगड़ सकता है।

तिजोरी रखना होगा बेहतर

वास्तु के अनुसार इस दिशा में तिजोरी रखना भी अच्छा माना जाता है। वहीं तिजोरी के अलावा अगर दक्षिण दिशा में कोई और दूसरा कीमती सामान रखा जाए तो ये भी अच्छा होता है। शास्त्र के अनुसार इस दिशा में कीमती चीजें रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर बनती है। हालांकि इस बात को सुनिश्चित करना चाहिए कि ये दिशा साफ-सुथरी जरूर हो। इसके अलावा इस ओर चीजें व्यवस्थित भी होनी चाहिए।

दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाएं ये चीज

नियम के अनुसार दक्षिण दिशा वाली दीवार पर आप क्या चीज लगाते हैं? ये बात भी काफी मायने रखती है। इस दिशा की ओर वाली दीवार पर परिवार या फिर उसकी यादों से जुड़ी कोई भी चीज लगा दें। इससे रिश्तों में अपनापन तो रहेगा ही। साथ ही घर में पॉजिटिव माहौल भी बनेगा और ऐसे में नेगेटिविटी को कोई जगह नहीं मिल पाएगी।

दक्षिण दिशा में हो ऐसा रंग

शास्त्र के हिसाब से इस ओर अगर हल्के गहरे रंग का इस्तेमाल ज्यादा हो तो ये ज्यादा अच्छा रहेगा। आप इस दिशा में हल्के भूरे या फिर हल्के नीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे घर का माहौल बैलेंस्ड हो जाएगा। साथ ही इससे घर का वास्तु भी सही होगा। कुल मिलाकर आपको दक्षिण दिशा को इग्नोर नहीं करना है। इस दिशा का सही इस्तेमाल करके जिंदगी को सही ट्रैक पर लाया जा सकता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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