Vastu Tips: वास्तु के अनुसार झाड़ू से जुड़ी ये 5 गलतियां घर लाती हैं दरिद्रता

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Vastu Tips for Jhadu in hindi: वास्तु शास्त्र में झाड़ू को सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार, झाड़ू से जुड़ी कुछ गलतियां वास्तु दोष का कारण बनती हैं और घर में दरिद्रता आती हैं। जानें झाड़ू से जुड़े वास्तु उपाय।

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Vastu Tips for broom in hindi: हिंदू धर्म में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है, वहां मां लक्ष्मी वास करती हैं। ज्योतिष शास्त्र की तरह वास्तु में भी झाड़ू का खास महत्व है। वास्तु में झाड़ू से जुड़ी कुछ गलतियों को नहीं करने की सख्त मनाही है। वास्तु के अनुसार, झाड़ू से जुड़ी जाने-अनजाने में होने वाली गलतियां वास्तु दोष का कारण बनती हैं और घर में दरिद्रता लाती हैं। आइए जानते हैं झाड़ू से जुड़े किन नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी का वास होता है।

वास्तु के अनुसार झाड़ू से जुड़ी किन 5 गलतियों को नहीं करना चाहिए-

1. किस दिशा में झाड़ू को नहीं रखना चाहिए:

वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू को कभी भी घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में मां लक्ष्मी की दिशा माना जाता है। मान्यता है इस दिन में झाड़ू रखने से घर में दरिद्रता और धन संबंधी परेशानी आती है। वास्तु के अनुसार झाड़ू को हमेशा दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ होता है।

2. झाड़ू किस समय लगाना शुभ होता है:

वास्तु के अनुसार, सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाना शुभ नहीं होता है। मान्यता है कि शाम या रात में झाड़ू लगाने से धन का अभाव होता है। शास्त्रों और वास्तु में सुबह के समय झाड़ू लगाना ही उत्तम माना गया है। कहा जाता है कि अगर किसी कारण वश शाम के समय झाड़ू लगानी पड़ जाए, तो कचरा घर से नहीं निकालना चाहिए, उसे अगले दिन ही फेंकना चाहिए।

3. झाड़ू को छिपाकर क्यों रखना चाहिए:

वास्तु के अनुसार, झाड़ू को हमेशा छिपाकर ही रखना चाहिए। कहा जाता है कि यह ऐसी जगह रखनी चाहिए जहां किसी बाहरी व्यक्ति की नजर नहीं पड़े। वास्तु में झाड़ू को स्टोर रूम, बाथरूम या दरवाजे के पीछे रखना सबसे उत्तम माना जाता है।

4. झाड़ू को पैर क्यों नहीं लगाने चाहिए:

वास्तु के अनुसार, झाड़ू पर पैर रखना या लगाना अशुभ माना जाता है। झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि झाड़ू का अपमान करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।

5. कब तुरंत नहीं लगानी चाहिए झाड़ू:

वास्तु के अनुसार, परिवार के किसी सदस्य के तुरंत निकलने के बाद झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से कार्यों में बाधाएं आती हैं और मां लक्ष्मी का घर पर वास नहीं होता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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