वास्तु टिप्स: कहीं आप तो कमरे में नहीं लगा रहे गलत पर्दा? जानें बेडरूम से लेकर लिविंग एरिया का नियम

Jan 06, 2026 01:46 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Curtain Colors according Vastu: अगर वास्तु के हिसाब से घर में पर्दों लगाए जाए तो जिंदगी से आधी परेशानी अपने आप दूर हो जाएगी। नीचे जानें कि किस कमरे में किस रंग का पर्दा लगाना जरूरी होता है। 

वास्तु टिप्स: कहीं आप तो कमरे में नहीं लगा रहे गलत पर्दा? जानें बेडरूम से लेकर लिविंग एरिया का नियम

जिंदगी में उतार-चढ़ाव लगा ही रहता है लेकिन जब मुश्किल ज्यादा बढ़ जाएं तो हर कोई उससे राहत पाना चाहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप अपने घर की कुछ चीजों को सही कर लें तो जिंदगी की तमाम मुश्किलें तो अपने आप ही सही हो जाएंगी। वास्तु के कुछ आसान से नियम हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी से ही जुड़े हुए हैं। हमारे आसपास की कई चीजें ऐसी हैं जो अपनी एनर्जी से या तो चीजों को ठीक कर देते हैं या फिर सब खराब ही हो जाता है। आपको सोचकर हैरानी होगी कि घर में इस्तेमाल किए जाने वाले पर्दों की एनर्जी का असर भी हमारी जिंदगी में पड़ता है। नीचे विस्तार से जानें कि आखिर किस रंग के पर्दों को घर में लगाना सही होता है? साथ ही जानें पर्दों से जुड़े कुछ और भी नियम...

किस रंग के पर्दे?

जब भी घर में पर्दे लगाने की बारी आती है तो आमतौर पर लोग दीवार के रंग के कॉस्ट्रास्ट वाले रंग के पर्दों को चुनते हैं। लोग अपनी-अपनी पसंद के रंग के पर्दों को ही लगाते हैं। अगर यही फैसला वास्तु के नियमों को ध्यान में रखकर ले लिया जाए तो घर में हमेशा पॉजिटिविटी बनी रहेगी। वास्तु के अनुसार हर एक कमरे के हिसाब से पर्दे के रंग का चुनाव करना चाहिए। कमरे में कौन रहने वाला है, उसे ध्यान में रखते हुए वास्तु के नियमों का पालन करना सही होता है। लिविंग एरिया में हमेशा हल्के रंग के पर्दे ही सही होते हैं। वहीं पूजा घर में पीले रंग के पर्दे लगाना सही होता है।

बच्चों और बड़ों के कमरे में ऐसे पर्दे

अगर आपको बच्चों के कमरे में पर्दा लगाना है तो यहां पर गुलाबी और हल्के हरे रंग के पर्दे लगा सकते हैं। इन रंगों से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है और उनका मन पढ़ाई में ज्यादा लगता है। वहीं बड़ों के कमरे में नीले, नारंगी और भूरे रंग का इस्तेमाल करना चाहिए। इन रंगों से मन को सुकून मिलता है। वहीं बेडरूम के अंदर हमेशा क्रीम, सफेद, नारंगी या फिर पीले रंग के पर्दे लगा सकते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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