Chaitra Navratri Vastu Tips: चैत्र नवरात्रि से पहले घर से पहले हटा दें ये चीजें, मां दुर्गा हो जाती हैं नाराज
Vastu Tips for Chaitra Navratri 2026:अगर नवरात्रि शुरू होने से पहले आप वास्तु के कुछ नियमों का पालन करते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जाओं का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इतना ही नहीं साधकों पर मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी रहेगी।

नवरात्रि का त्योहार व्रत और साधना के लिए होता है। यह त्योहार मां दुर्गा को समर्पित होता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक साल में 4 बार नवरात्रि आती है। ये आषाढ़, आश्विन (शारदीय) और माघ महीने में नवरात्र मनाई जाती है। लेकिन इनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि का खास महत्व होता है और यह पूरे देशभर में बेहद ही पारंपरिक और धूमधाम से मनाई जाती हैं। वहीं, आषाढ़ और माघ की नवरात्रि को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। लेकिन आज हम चैत्र नवरात्रि की बात करेंगे, जिसकी शुरुआत चैत्र प्रतिपदा से होती है। इस बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी और इसका समापन 9वें दिन यानी 27 मार्च को होगी।
वास्तु के नियमों का रखें ख्याल
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा अपने भक्तों के घर में रहेंगी। इस दौरान लोग नियम के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। इसी बीच हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर नवरात्रि शुरू होने से पहले आप वास्तु के कुछ नियमों का पालन करते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जाओं का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इतना ही नहीं साधकों पर मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी रहेगी। वास्तु के मुताबिक घर में पड़ी कुछ वस्तुएं नकारात्मकता पैदा करती है, जिससे घर की सुख समृद्धि छिन जाती है। ऐसे में इन वस्तुओं को घर से बाहर निकालने में भी भलाई होती है। चलिए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि से पहले घर से कौन सी चीजें बाहर कर देनी चाहिए।
पुरानी व टूटी झाड़ू को हटाएं
झाड़ू एक साफ-सफाई का साधन है, लेकिन ज्योतिष और वास्तु में इसका खास महत्व होता है। मान्यता है कि झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए इसे उचित स्थान और दिशा में रखने की सलाह दी जाती है। ऐसे में अगर किसी के घर में पुरानी या टूटी हुई झाड़ू है, तो उसे चैत्र नवरात्रि से पहले लोगों को पुरानी और टूटी झाड़ू घर से हटा लेनी चाहिए। अगर आप पुरानी और टूटी झाड़ू को घर से बाहर नहीं हटाते हैं, तो इससे नेगेटिविटी बढ़ती है।
खंडित मूर्तियों हटाएं
वास्तु के मुताबिक अगर पूजा घर या फिर घर में खंडित मूर्तियां हैं, तो उसे चैत्र नवरात्रि से पहले घर से हटा दें। हालांकि इन मूर्तियों को कूड़ेदान या फिर गंदगी वाले स्थान पर ना फेंके। इसे पीपल पेड़ के नीचे रख देना चाहिए, क्योंकि खंडित मूर्तियों की पूजा नहीं की जाती है। इससे विपरीत प्रभाव पड़ता है।
कांटेदार पौधे व सूखे फूल
वास्तु के मुताबिक घर में कांटेदार पौधे नहीं लगाने चाहिए। इससे घर नेगेटिविटी आती है। अगर घर में ये पौधे हैं, तो चैत्र नवरात्रि से पहले कांटेदार पौधे को भी घर से हटा दें। क्योंकि मां दुर्गा को पवित्र वातावरण पसंद है, इसलिए घर में हरे पौधे लगाएं। इसके अलावा चैत्र नवरात्रि से पहले सूखे और फूल को घर से हटा दें, क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
ये भी हटा दें चीजें
- चैत्र नवरात्रि से पहले अगर आपके घर में शराब या अन्य चीजें रखी हुई है, तो उन्हें तुरंत हटा देना हिए, क्योंकि मां दुर्गा साफ-स्वच्छ वातावरण पसंद है। इससे मां दुर्गा नाराज हो जाती है।
- अगर आपके घर में टूटा शीशा है, तो उसे चैत्र नवरात्रि से पहले हटा दें, क्योंकि टूटा शीशी राहु ग्रह से जुड़ा है
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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