वास्तु शास्त्र: बाथरूम में हो रही इस चीज को ना करें नजरअंदाज, होगी पैसों की बर्बादी

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Vastu Tips for Bathroom: वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम की कुछ चीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यहां पर होने वाली कुछ चीजों को नजरअंदाज करने से घर में वास्तु दोष लगता है जिसका असर लंबे समय तक रहता है।

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Bathroom Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में बाथरूम से जुड़े कई नियम और उपाय बताए गए हैं। शास्त्र की मान्यता के अनुसार बाथरूम में हुई किसी भी गड़बड़ी का असर पूरे घर के वास्तु पर पड़ता है। ऐसे में यहां का वास्तु किसी भी कीमत पर सही होना चाहिए। बाथरुम की सही दिशा से लेकर यहां पर रखी हुई हर एक छोटी-बड़ी चीज का संबंध वास्तु से जुड़ा हुआ है। बता दें कि अगर बाथरूम में होने वाली कुछ चीजों को नजरअंदाज किया जाए तो इसका असर सीधे हमारी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

नजरअंदाज ना करें ये चीजें

आम तौर पर देखा गया है कि बाथरुम में कई बार नल से लगातार पानी टपकता रहता है। कई लोग इसे समय रहते ठीक करवा लेते हैं तो वहीं कुछ लोग इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। हालांकि वास्तु के नियमों के अनुसार बाथरूम में हो रही ये चीज घर की दशा बिगाड़ सकती है। दरअसल शास्त्र में माना गया है कि नल से टपकने वाले पानी का संबंध सीधे तौर पर पैसों से होता है। अगर ये पानी फालतू में गिर रहा है को इसका साफ मतलब है कि धीरे-धीरे घर के सदस्यों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होगी। धन की बर्बादी के साथ-साथ कई और आर्थिक नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में इसे जल्द से जल्द से ठीक करवा लेना चाहिए।

रखें इन चीजों का ध्यान

वास्तु के नियमों के अनुसार बाथरूम की साफ-सफाई नियमित रूप से होती रहनी चाहिए। अगर बाथरूम गंदा रहता है तो इसकी खराब एनर्जी का असर पूरे घर पर दिखाई पड़ता है। ऐसे में नेगेटिव एनर्जी को दूर भगाने के लिए बाथरूम की साफ-सफाई जरूरी है। इस बात का भी ध्यान रखें कि बाथरूम की सिधाई में कभी भी बेडरूम नहीं होना चाहिए। ऐसी स्थित में भी वास्तु दोष लगता है और इसका असर लंबे समय तक रहता है। इसके अलावा बाथरूम में टॉयलेट सीट को हमेशा बंद रखना चाहिए। शास्त्र के अनुसार बाथरूम का दरवाजा बिना किसी वजह के फालतू में खुला नहीं होना चाहिए। बात की जाए बाथरूम की दीवारों के रंग के चुनाव का तो शास्त्र के नियम के अनुसार यहां पर हमेशा हल्के रंग का ही इस्तेमाल करना चाहिए। अगर बाथरूम में गहरे रंग का इस्तेमाल किया जाता है तो इससे नेगेटिव एनर्जी घर में आती है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
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