Vastu Tips: शुक्रवार के दिन ना खरीदें यह 1 चीज, मां लक्ष्मी हो जाती हैं नाराज
Vastu Tips: शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना विशेष तौर पर की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। वहीं, वास्तु शास्त्र के मुताबिक कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिसे शुक्रवार के दिन नहीं खरीदनी चाहिए।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सप्ताह का हर दिन किसी ना किसी देवी-देवता व ग्रह से जुड़ा हुआ है। जिस तरह रविवार का संबंध भगवान सूर्य से है या फिर सोमवार का संबंध भगवान शिव से है। ठीक वैसे ही शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना विशेष तौर पर की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। इसलिए लोग मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार के दिन कई तरह के उपाय करते हैं। वहीं, मान्यता है कि इस दिन की गई कुछ गलतियों से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है। जैसे कि वास्तु शास्त्र के मुताबिक कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिसे शुक्रवार के दिन नहीं खरीदना चाहिए। इसे खरीदने से जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। चलिए ऐसे ही एक चीज के बारे में जानते हैं, जिसे शुक्रवार के दिन नहीं खरीदना चाहिए।
शुक्रवार को ना खरीदें झाड़ू
वास्तु के मुताबिक शुक्रवार के दिन झाड़ू नहीं खरीदना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है और जातक को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि वास्तु में झाड़ू का खास महत्व होता है। झाड़ू ना केवल साफ-सफाई का साधन है, बल्कि वास्तु की मानें, तो इसका संबंध मां लक्ष्मी से है। इसलिए इससे जुड़ी गलतियां करने से वास्तु दोष बिगड़ सकता है।
किस दिन नहीं खरीदना चाहिए झाड़ू
शुक्रवार के अलावा मान्यता है कि शुक्ल पक्ष में झाड़ू नहीं लेना चाहिए। इस दिन झाड़ू लेने से ये घर में दुर्भाग्य का कारण बन सकता है। ऐसे में शुक्ल पक्ष में गलती से भी झाडू नहीं खरीदनी चाहिए।
घर में कहां रखें झाड़ू
वास्तु के मुताबिक घर में झाड़ू को इधर-उधर या कहीं भी ना रखें। इसे सही जगह और दिशा में रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है। मान्यता है कि घर में झाड़ू को घर में ऐसी जगह पर रखना चाहिए, जहां दूसरों की नजर नहीं पड़ती हो। साथ ही किसी का पैर झाड़ू में नहीं लगता हो। वास्तु की मानें, तो झाड़ू को हमेशा अपने घर की दक्षिण और पश्चिम दिशा के बीच की रखना बेहतर माना गया है। इसके अलावा झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखना चाहिए।
कब नहीं लगाएं झाड़ू
इतना ही नहीं घर में झाड़ू लगाने का सही नियम भी बताया गया है। मान्यता है कि घर के किसी सदस्य के बाहर जाने के तुरंत बाद झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। शाम में समय भी झाड़ू लगाना शुभ नहीं माना जाता है।
झाड़ू से जुड़े अन्य नियम
वास्तु शास्त्र के मुताबिक टूटे हुए झाड़ू का उपयोग करना अच्छा नहीं होता है। झाड़ू टूट जाए तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। झाड़ू से बार-बार पैर भी नहीं लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी के नाराज होने का भय होता है।
शुक्रवार को क्या करें और क्या नहीं
मां लक्ष्मी को साफ-सफाई पसंद है। इसलिए इस दिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। देवी वहीं वास करती हैं जहां स्वच्छता का ध्यान रखा जाए। इसलिए घर में गंदगी न रखें। शुक्रवार के दिन साफ कपड़ी ही पहनें। फटे और गंदे वस्त्र धारण करने से राहु अशुभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक किचन और पूजा-पाठ संबंधी सामान भी शुक्रवार को खरीदने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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