वास्तु शास्त्र: टूटे हुए शीशे से घर में होते हैं ये 3 बड़े नुकसान, तुरंत कर दें बाहर

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Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में कई ऐसे आसान उपाय बताए गए हैं जिसका पालन कर लिया जाए तो कई चीजें सही हो सकती हैं। वहीं कुछ ऐसी चीजें हैं जिनके घर में रहने से हमेशा नेगेटिव एनर्जी ही आती है और उनमें से एक है टूटा हुआ शीशा। 

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Broken Mirror Vastu Tips: वास्तु शास्त्र एक ऐसा सा विज्ञान है जिसकी मदद से जिंदगी आसान हो सकती है। हमारी जिंदगी में आने वाले उतार-चढ़ाव में बहुत बड़ा रोल घर के वास्तु का भी होता है। वास्तु के अनुसार कुछ चीजों को घर से दूर रखना ही बेहतर होता है और इनमें से एक चीज है टूटा हुआ शीशा। अगर आपके घर में टूटा हुआ शीशा है तो इसे जल्द से जल्द बाहर फेंक देने में ही भलाई होगी। दरअसल वास्तु के नियमों के अनुसार टूटा हुई शीशा हमारे विनाश का कारण बन सकता है। नीचे विस्तार से जानें टूटे हुए शीशे से होने वाले नुकसान के बारे में...

टूटे हुए शीशे से होने वाला नुकसान

1. घर में होते हैं खूब कलेश: टूटे हुए कांच से इतनी नेगेटिविटी निकलती है कि इसका असर पूरे घर पर दिखता है। इससे निकलने वाली नेगेटिविटी से घर में हमेशा कलेश होते हैं। घर के सभी लोग आपस में किसी ना किसी बात पर लड़ते ही रहते हैं। वहीं घर में हमेशा छोटी सी बात का बतंगड़ ही बनता है। ऐसे में घर पर पॉजिटिविटी को जगह ही नहीं मिल पाती है। इन चीजों से मानसिक शांति भंग होती है और इसका असर हेल्थ पर भी पड़ता है।

2. डगमगाती है आर्थिक स्थिति: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में टूटा हुआ शीशा कभी नहीं रखना चाहिए। अगर घर में ड्रेसिंग टेबल या फिर किसी तस्वीर का कांच टूटा हुआ है तो इसे समय रहते बाहर कर दें क्योंकि ये विनाश का कारण बनते हैं। दरअसल इससे निकलने वाली एनर्जी के चलते आर्थिक स्थिति भी खराब होती है। घर के सदस्यों की आर्थिक स्थिति पर इसका बुरा प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे में टूटे हुए कांच को ज्यादा समय तक घर में नहीं रखना चाहिए।

3. हर काम में बाधा: शास्त्र के नियम के अनुसार घर के किसी भी कोने में टूटा हुआ शीशा नहीं होना चाहिए। टूटे हुए शीशे की वजह से मानसिक तनाव बहुत ज्यादा बढ़ता है और इससे नींद भी प्रभावित होती है। वहीं धीरे-धीरे हर एक काम में कोई ना कोई बाधा आने लगती है। ऐसे में इसका सीधा असर हमारी ग्रोथ पर पड़ता है। शास्त्र के अनुसार टूटे हुए शीशे को घर के बाहर फेंक देना चाहिए।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र

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