वास्तु शास्त्र: किस ओर होनी चाहिए फ्लैट की बालकनी? घर लेते वक्त ध्यान में रखें ये जरूरी बातें

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Vastu Tips for Balcony: कहते है कि बालकनी किसी भी फ्लैट या घर की जान होती है। अगर वास्तुशास्त्र के हिसाब से बालकनी का डेकॉर किया जाए तो घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही घर में हमेशा बरकत आती है।

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New Flat Vastu Tips: नया घर लेते वक्त लोग हर एक चीज को ध्यान में रखते हैं। घर ऐसी जगह हो जहां सब कुछ आसपास ही हो। बजट के हिसाब से घर में अच्छा-खासा स्पेस हो। घर के कमरे, किचन, बाथरूम और बालकनी सब कुछ एकदम परफेक्ट हो। बात की जाए बालकनी की तो अगर इसे घर की जान कहा जाए तो गलत नहीं होगा। घर या फ्लैट की बालकनी ऐसी होनी चाहिए जहां अकेले रहकर भी कुछ वक्त बिताया जा सके। इस स्पेस का पॉजिटिव होना सबसे ज्यादा जरूरी है। कई लोग बालकनी का डेकॉर अच्छे से करते हैं, वहीं कुछ लोग बालकनी में ही सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं। हालांकि कम ही लोग इस ओर ध्यान देते हैं कि घर की बालकनी वास्तु के हिसाब से सही है नहीं? बता दें कि शास्त्र में बताया गया है कि फ्लैट में बालकनी किस ओर होना सबसे शुभ माना जाता है। नीचे विस्तार से जानें फ्लैट से जुड़े कुछ वास्तु टिप्स के बारे में...

फ्लैट में इस ओर हो बालकनी

शास्त्र के अनुसार घर की बालकनी की दिशा और दशा सही होनी चाहिए। मुख्य द्वार की तरह ही बालकनी की एनर्जी भी सही होनी चाहिए। यहां से एनर्जी का संचार होता है और इसका प्रभाव पूरे घर पर दिखता है। शास्त्र की मानें तो फ्लैट में बालकनी हमेशा पूर्व या फिर उत्तर दिशा में होनी चाहिए। इन दिशाओं में बालकनी का होना काफी अच्छा और शुभ माना जाता है। वहीं दक्षिण दिशा वाली बालकनी अशुभ प्रभाव छोड़ती है। उपाय के रूप में ये किया जा सकता है कि इस दिशा की बालकनी को स्टोर रूम में बदल सकते हैं। ऐसा करने से इसके अशुभ प्रभाव को शुभ में बदला जा सकता है। अगर बालकनी पश्चिम दिशा में है तो इसे ठीक-ठाक ही माना जाता है।

रखें इन बातों का भी ध्यान

बालकनी में हमेशा हल्के रंग ही लगवाने चाहिए। यहां पर काले और लाल रंग जैसे गहरे रंग नहीं लगवाने चाहिए। साथ ही यहां पर तुलसी, जेड प्लांट और मनी प्लांट जैसे पौधे जरूर लगाने चाहिए। अगर बालकनी में फर्नीचर रखना है तो ध्यान रखें कि यहां पर लकड़ी का फर्नीचर रखना ही सही होगा। साथ ही कोशिश करें कि यहां की साफ-सफाई नियमित रूप से होती रहें। गंदी बालकनी से घर का वास्तु बिगड़ता है, जिसका असर सभी सदस्यों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इसके अलावा बालकनी को इतनी चीजों से ना भर दें कि यहां पर धूप अच्छे से ना आ पाएं। दरअसल अच्छी धूप की वजह से घर की एनर्जी हमेशा पॉजिटिव रहती है।

बालकनी में रखें ये चीज

शास्त्र के अनुसार अगर बालकनी में धातु से बना कछुआ रख दिया जाए तो ये घर की नेगेटिविटी को दूर करता है। इसी के साथ कछुए की एनर्जी घर में बरकत ले आती है। इसी के साथ बालकनी में स्वास्तिक के निशान वाली एक तस्वीर भी लगानी चाहिए। घर को बुरी नजर और बुरी एनर्जी से बचाने के लिए यहां पर पक्षियों के लिए दाना जरूर रखें। बता दें कि जिन घरों की बालकनी में चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई देती है, वहां पर सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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