Vastu Tips: ये पौधा घर के बाहर या अंदर भूलकर भी ना लगाएं, सिर पर बढ़ सकता है कर्जे का बोझ
Easy Vastu Tips for Home: वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे पौधे हैं, जो हमारे आसपास की अच्छी एनर्जी को खत्म देते हैं। शास्त्र के हिसाब से किस तरह के पौधे घर में नहीं होने चाहिए, इसके बारे नीचे विस्तार से जानें…

घर के डेकॉर में पौधे अहम रोल अदा करते हैं। अब सिर्फ लॉन एरिया या सिर्फ बालकनी ही नहीं बल्कि घर के अंदर भी लोग पौधे लगाते हैं। वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ ये पौधे घर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। जहां ये पौधे घर में और हमारी जिंदगी में पॉजिटिविटी लाने का काम करते हैं वहीं कुछ ऐसे पौधे भी हैं जिनका हमारे आसपास होना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे पौधे हैं जिन्हें घर में रखने या फिर गलत जगह पर रखने से हमारी आर्थिक स्थिति बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। आज बात करेंगे उन पौधों की जिनका घर के अंदर तो क्या बाहर होना भी सही नहीं है।
घर में ना लाएं ऐसा पौधा
वास्तु शास्त्र के अनुसार पौधे हमारे आसपास की एनर्जी को पूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं। ये हमारी जिंदगी में पॉजिटिविटी भी ला सकते हैं तो वहीं इनकी मौजूदगी से जिंदगी में सब उलट-पलट भी हो सकता है। शास्त्र के नियम के अनुसार हमारे घर के लिए वो पौधे सही नहीं है, जिनसे दूध जैसा द्रव्य निकलता है। ऐसे पौधे घर में नहीं लाने चाहिए। माना जाता है कि इनसे ऋणात्मक एनर्जी निकलती है। इस एनर्जी के चलते हमारी फाइनेंशियल स्थिति डगमगा सकती है। ऐसे में इन पौधों के ना तो घर में लगाना चाहिए ना ही ये बाहर होने चाहिए। अगर घर के बाहर ऐसा पौधा हैं तो उसे जल्द से जल्द हटा दें।
इन चीजों का भी रखें ध्यान
शास्त्र के हिसाब से कांटेदार पौधों की एनर्जी भी सही नहीं होती है। तो इन पौधों को भी घर में नहीं लगाना चाहिए। अगर घर पर किसी ऐसे बड़े पेड़ की छाया पड़ती है, जिसमें फल नहीं आता है तो ये सही नहीं है। ऐसे घरों में लोग हमेशा बीमार ही रहते हैं। साथ ही कई तरह की बाधाएं जिंदगी में आती हैं। वहीं अगर घर के बाहर कोई भी ऐसा पेड़ है जो सही नहीं है और आप उसे चाहकर भी नहीं हटवा सकते हैं तो इसके लिए भी उपाय है। इस पेड़ के आसपास शामी, अशोक या फिर नागकेसर का पेड़ लगा सकते हैं। नियम के हिसाब से अगर घर के ठीक सामने या रोड के दूसरे तरफ को67ई ऐसा पेड़ हो जो देखने में डरावना भी लगे और उसकी दो शाखाएं हो तो ये अशुभ माना जाता है। इसे जल्द से जल्द हटवा देना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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