Vastu Tips: फायदा ही नहीं नुकसान भी पहुंचा सकता है मनी प्लांट, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं ये 5 गलतियां
मनी प्लांट घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाता है, लेकिन गलत दिशा, जमीन पर फैलती बेलें, पीले पत्ते, प्लास्टिक का गमला या कटिंग देना जैसे 5 आम गलतियां वास्तु दोष पैदा कर नुकसान पहुंचा सकती हैं। जानिए मनी प्लांट रखने के सही वास्तु नियम और इन गलतियों से कैसे बचें।

मनी प्लांट घर की सजावट के लिए सबसे लोकप्रिय पौधों में से एक है। इसे धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर इस पौधे को सही तरीके से न रखा जाए या उसकी देखभाल में कुछ गलतियां हो जाएं, तो यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है। कई घरों में मनी प्लांट लगाने के बावजूद आर्थिक परेशानी, तनाव या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं। इसका कारण अक्सर वास्तु दोष होता है। आइए जानते हैं मनी प्लांट से जुड़ी वो 5 आम गलतियां, जो आपको नहीं करनी चाहिए।
उत्तर-पूर्व दिशा में मनी प्लांट रखना
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को देवताओं की दिशा माना जाता है। इस दिशा में मनी प्लांट रखना अत्यंत अशुभ है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और आर्थिक रुकावटें आ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मनी प्लांट को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। यह दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी है और सकारात्मक ऊर्जा तथा समृद्धि को बढ़ावा देती है।
मनी प्लांट की बेल को जमीन पर फैलने देना
मनी प्लांट की बेल अगर जमीन पर फैलने लगे, तो यह वास्तु दृष्टि से अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। बेल का ऊपर की ओर बढ़ना तरक्की और उन्नति का प्रतीक है, जबकि नीचे की ओर फैलना आर्थिक हानि और रुकावटों का संकेत माना जाता है। इसलिए मनी प्लांट को हमेशा सहारे के साथ ऊपर की ओर चढ़ाएं। बेल को दीवार या स्टैंड पर लगाकर ऊपर बढ़ने दें।
पीले या सूखे पत्ते ना हटाना
अगर मनी प्लांट के पत्ते पीले पड़ने लगें या सूख जाएं, तो इसे नजरअंदाज ना करें। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा या वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। पीले पत्तों को तुरंत हटा दें। इससे पौधे की ऊर्जा साफ रहती है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है। नियमित रूप से पौधे की देखभाल करें और सूखे पत्तों को साफ करते रहें।
प्लास्टिक के गमले या गंदे कंटेनर में लगाना
वास्तु के अनुसार, मनी प्लांट को प्लास्टिक के बर्तन या गंदे कंटेनर में लगाना अशुभ है। प्लास्टिक प्राकृतिक नहीं होता, इसलिए इसमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार कम होता है। बेहतर है कि मिट्टी के गमले या नीले रंग की कांच की बोतल में मनी प्लांट लगाएं। नीला रंग शुभ माना जाता है और यह पौधे की ऊर्जा को संतुलित रखता है।
मनी प्लांट की कटिंग किसी को देना
वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट की कटिंग किसी दूसरे को देने से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। अगर आपको कटिंग देनी ही है, तो पहले पौधे से पूछ लें या छोटी सी पूजा कर लें। लेकिन ज्यादातर वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर के मनी प्लांट की कटिंग बाहर न दें।
मनी प्लांट घर में सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है, लेकिन सही नियमों का पालन करना जरूरी है। इन 5 गलतियों से बचकर आप मनी प्लांट को सही तरीके से रख सकते हैं और घर में समृद्धि, शांति और सकारात्मक वातावरण बना सकते हैं। वास्तु के छोटे-छोटे नियमों का ध्यान रखने से जीवन में बड़ी सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
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