
वास्तु शास्त्र: घर की इस दिशा में कभी ना रखें डस्टबिन, खुल जाता है कंगाली का रास्ता
Dustbin Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में डस्टबिन की दिशा को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं। अगर गलत दिशा में इसे रखा जाए तो आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इसे रखने की सही दिशा क्या है?
Vastu Tips for Dustbin: वास्तु शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है जिसकी मदद से घर का माहौल बदला जा सकता है। अगर वास्तु के हिसाब से घर के कमरे और बाकी चीजें सही दिशा में हो तो वहां की ऊर्जा हमेशा सही रहेगी। वहीं एक भी चीज इधर-उधर हुई तो नकारात्मक ऊर्जा का आना तय होता है। कई लोग इसे मानते हैं तो वहीं कुछ लोग इसे नजरअंदाज ही करते हैं। हालांकि मान्यता तो यही है कि हमारी जिंदगी में आने वाले उतार-चढ़ाव का का सीधा संबंध ना सिर्फ हमारी कुंडली में मौजूद ग्रहों से होता है बल्कि घर के वास्तु से भी होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि डस्टबिन की दिशा से भी घर का वास्तु खराब हो सकता है। शास्त्र के हिसाब से चलिए जानते हैं कि डस्टबिन को किस दिशा में नहीं रखना चाहिए?
इस दिशा में गलती से भी ना रखें डस्टबिन
बता दें कि शास्त्र में हर एक चीज के लिए सही दिशा का वर्णन किया गया है। वहीं इस बात के बारे में भी जिक्र किया गया है कि हमारे लिए क्या चीजें सही नहीं हैं। इन चीजों को नजरअंदाज करना हम पर ही भारी पड़ सकता है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर डस्टबिन हमें घर की किस दिशा में भूलकर भी नहीं रखना चाहिए। शास्त्र में बताया गया है कि डस्टबिन रखने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा सहीं नहीं होती है। दरअसल इसे ईशान कोण भी कहा जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिशा को देवी-देवताओं का वास माना जाता है। ऐसे में यहां पर कूड़ा रखना हमारे घर की वास्तु को तहस-नहस कर सकता है। इसी के साथ इसका असर आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। ऐसे में इसका विशेष रूप से ख्याल रखना चाहिए।
ये दिशा होती है सही
अब बात की जाए कि आखिर डस्टबिन को किस दिशा में रखना सबसे सही होता है? शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में डस्टबिन को रखना सबसे सही माना जाता है। वहीं इसके लिए उत्तर-पश्चिम दिशा भी सही होती है। कूड़े के लिए ये दिशा सही मानी जाती है। इसके अलावा किसी भी दिशा में इसे रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा ही आएगी।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





