Vastu Tips: कर्जे से हो गए हैं परेशान? घर की इस दिशा में रख दें भारी सामान
वास्तुशास्त्र के अनुसार अगर सही दिशा में सही चीज रखी जाए तो पैसों से जुड़ी दिक्कत काफी हद तक दूर हो सकती है। जानिए वास्तु से जुड़े कुछ ऐसे ही उपाय जिसके बाद जिंदगी में पैसों का टिकना शुरु हो जाएगा और कर्जे की स्थिति से भी काफी हद तक बाहर निकला जा सकता है।

क्या आपके साथ ऐसा होता है कि तमाम कोशिशों के बाद भी पैसा टिक नहीं रहा है? आप मेहनत तो बहुत कर रहे हैं लेकिन स्थिति ऐसी बन ही जाती है कि कर्ज लेना पड़ता है या फिर किसी पुराने कर्जे से छुटकारा नहीं मिल रहा है? ऐसी स्थिति में वास्तुशास्त्र से जुड़े कुछ उपाय आपको राहत दिला सकते हैं। वास्तु मान्यता है कि घर की कुछ दिशाओं में रखी चीजें आर्थिक स्थिति को बिगाड़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में सही दिशा में सही चीजों को रखना और गलत चीजों को हटाना शुभ माना जाता है। जानिए कर्ज से राहत पाने के लिए घर की किन दिशाओं में क्या-क्या बदलाव करने से आर्थिक स्थिति बेहतर की जा सकती है और कर्जे जैसी दिक्कत से छुटकारा पाया जा सकता है?
उत्तर दिशा में हमेशा रखें हल्की चीजें
वास्तुशास्त्र में उत्तर दिशा को काफी महत्व दिया जाता है। इस दिशा को धन-संपत्ति और नए मौकों से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इस दिशा में भूलकर भी कोई भारी सामान ना रखें। साथ ही यहां पर कूड़ेदान या फिर कबाड़ की चीजों को रखने से बचना चाहिए। कोशिश यही करनी चाहिए कि ये दिशा साफ-सुथरी और खुली हुई है। यहां पर रखा हुआ हर सामान व्यस्थित हो। वास्तु मान्यता है कि इससे घर में धन आगमन होता है।
उत्तर-पूर्व दिशा को रखें साफ
वास्तुशास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे पवित्र माना जाता है। इस दिशा में मंदिर बनवाया जाए तो अच्छा होता है। वहीं इस तरह जूते-चप्पल, कबाड़ या फिर भारी सामान नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा आप गलती से भी इस तरह झाड़ू वगैरह ना रखें। उपाय के तौर पर इस दिशा में रोज एक साफ बाउल में पानी रखा जा सकता है। ध्यान रखें कि इसे रोज बदलना है। मान्यता है कि इससे पूरे घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। साथ ही इससे मन भी शांत रहने लगता है। उत्तर-पूर्व दिशा के इन उपायों से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।
खाली ना रखें ये दिशा
वास्तु मान्यता है कि अगर घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में भारी सामान को रखा जाए तो ये शुभ माना जाएगा। इस दिशा में आप कोई अलमारी या फिर भारी फर्नीचर जैसे बेड या फिर सोफा वगैरह रख सकते हैं। अगर आप इस दिशा को खाली रखते हैं तो ये शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु नियमों के अनुसार इस और टंकी वगैरह रखने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस उपाय से घर में पैसा टिकने लगता है।
दक्षिण-पूर्व दिशा में ना हो ये गलती
वहीं अगर घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में कोई सीलन है या फिर नल से पानी टपक रहा है तो इसे जल्द से जल्द ठीक करवाना ही सही होगा। दरअसल इस दिशा को अग्नि से जुड़ा माना जाता है। इस दिशा का विशेष रूप से ख्याल रखें। वास्तु मान्यता है कि इस दिशा में लाल या फिर गुलाबी रंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने से आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहती है।
घर के मुख्य द्वार पर ना करें ये गलतियां
1. वास्तु शास्त्र के नियम के हिसाब से मुख्य द्वार को हमेशा साफ रखें।
2. मुख्य द्वार पर कभी भी जूते-चप्पल का ढेर ना लगाएं।
3. यहां पर भारी सामान रखने से बचें।
4. मुख्य द्वार पर डेकॉर के नाम पर शीशा लगाने से बचें।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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