वास्तु शास्त्र: तिजोरी के पास रखते हैं भगवान की तस्वीर या मूर्ति तो हो जाएं सावधान, ये है सही नियम और तरीका

Mar 10, 2026 03:31 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share

Vastu Tips in Hindi: घर में रखी हुई तिजोरी को अगर वास्तु के नियम के अनुसार प्लेस किया जाए तो जिंदगी में मनी फ्लो अच्छा हो सकता है। वास्तु शास्त्र में तिजोरी से जुड़े कई नियमों के बारे में बताया गया है।

वास्तु शास्त्र: तिजोरी के पास रखते हैं भगवान की तस्वीर या मूर्ति तो हो जाएं सावधान, ये है सही नियम और तरीका

Tijori Vastu Tips: वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण रोल होता है। आज भी कई लोग ऐसे हैं जो इस शास्त्र को बस घर की दिशा से जोड़कर देखते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र में बहुत सारी चीजों का जिक्र है जैसे हमारे आसपास रखी हुई चीजें भी हमारे जीवन को पूरी तरह से प्रभावित करती हैं। लिविंग एरिया, किचन, बेडरूम और बाथरूम से जुड़ी हर एक चीज हमारे घर के वास्तु को प्रभावित करती है। यहां तक की घर की तिजोरी वाला हिस्सा भी अगर वास्तु के हिसाब से सही ना हो तो इसका प्रभाव हमारी फाइनेंशियल लाइफ पर पूरी तरह से पड़ता है। ऐसे में तिजोरी से जुड़े वास्तु नियमों का सही से पता होना जरूरी है।

नीचे विस्तार से जानिए कि तिजोरी को किस दिशा में रखना चाहिए और इसके आसपास किन चीजों को होना चाहिए और किन चीजों को दूर रखना है? साथ ही जानें कि तिजोरी में कुछ बदलाव करके किस तरह से अपनी आर्थिक स्थिति को स्टेबल बनाया जा सकता है?

तिजोरी के पास भगवान की तस्वीर रखना कितना सही?

आम तौर पर कई लोग तिजोरी के आसपास भगवान की तस्वीर या फिर मूर्ति रख देते हैं। अगर आप भी ये काम करते हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। नहीं ऐसा नहीं है कि भगवान की तस्वीर या मूर्ति इधर रखना सही नहीं है बल्कि इसके लिए सही नियम और तरीके का पता होना जरूरी है। वास्तु शास्त्र के हिसाब से अगर आप तिजोरी के पास भगवान की तस्वीर या फिर मूर्ति रखना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि ये पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर रखी हो। ऐसा करने से वास्तु भी सही रहता है और जीवन में पैसों का फ्लो अच्छा हो जाता है। इसके अलावा बाकी किसी और दिशा में इसे रखने से बचना चाहिए।

इस दिशा में रखें तिजोरी

अब बात की जाए कि तिजोरी किस दिशा में रखनी चाहिए तो इसके लिए हमेशा एक ही दिशा में रखनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के नियम के हिसाब से तिजोरी को हमेशा इस तरह से रखवाना चाहिए कि इसका दरवाजा हमेशा उत्तर दिशा की ओर ही खुले। इस तरह से तिजोरी को रखने की परफेक्ट और सही दिशा हमेशा दक्षिण ही होती है। ऐसे में कोशिश यही होनी चाहिए कि तिजोरी हमेशा इसी दिशा में हो।

तिजोरी की दिशा से जुड़ा एक और ऑप्शन

अगर जगह की कमी के कारण या फिर किसी भी दूसरी वजह स से आप दक्षिण दिशा में तिजोरी को नहीं रख पा रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऑप्शनल तौर पर तिजोरी को पश्चिम दिशा में भी रखा जा सकता है। हालांकि दक्षिण वाली दिशा तिजोरी के लिए बहुत ही शुभ मानी जाती है।

इस दिशा में ना रखें तिजोरी

शास्त्र के हिसाब तिजोरी को रखने के लिए कुछ दिशाएं वर्जित हैं। इन दिशाओं में तिजोरी को रखना मतलब खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। शास्त्र के हिसाब से तिजोरी को गलती से भी नैऋत्य और आग्नेय कोण में नहीं रखना चाहिए। इस बात का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए कि जिस कमरे में तिजोरी हो वहां पर सही तरीके से रोशनी आती हो। अगर ऐसा होता है को पैसों के साथ-साथ घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो होता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!