वास्तु शास्त्र: घर की पूजा में रोज सिर्फ 1 दीया जलाना काफी नहीं? जान लें सही तरीका और नियम

Feb 25, 2026 11:09 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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घर की पूजा से जुड़े कुछ वास्तु नियम हैं, जिनका पालन करने से घर की सुख-शांति और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है। नीचे जानें पूजा घर से जुड़े कुछ जरूरी वास्तु नियमों को…

वास्तु शास्त्र: घर की पूजा में रोज सिर्फ 1 दीया जलाना काफी नहीं? जान लें सही तरीका और नियम

Vastu Tips for Daily Puja: सनातन धर्म में माना जाता है कि रोजाना नियमित रूप से पूजा-पाठ करने से मन शुद्ध रहता है और भगवान की कृपा से सारे काम में सफलता मिलती है। हालांकि बहुत कम लोग पूजा के सही नियमों को जानते हैं। वैसे सच्चे मन से की गई पूजा सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है, लेकिन अगर हम इसे पूरे विधि विधान के हिसाब से करें तो ये और भी फलदायी हो जाता है। वास्तु शास्त्र में भी पूजा से जुड़ी कई जरूरी बातें बताई गई हैं। आमतौर पर लोग घर में हर दिन दीया जलाते हैं। कुछ लोग घर के मुख्य द्वार पर हर शाम दीया रखते हैं तो कुछ तुलसी के पास।

पूजा से जुड़ी गलती

वहीं घर के मंदिर में कितने दीये जलाने चाहिए, इसे लेकर अक्सर लोग कन्फ्यूज ही रहते हैं। वहीं कई लोगों को सही नियम का पता भी नहीं होता है। अगर आप मंदिर में हमेशा केवल एक ही दीया जलाते हैं तो अब तक अनजाने में ही सही लेकिन आप गलती करते आ रहे हैं। नीच विस्तार से जानिए कि रोज की पूजा में मंदिर में कितने दीये जलाना शुभ और सही माना जाता है।

मंदिर में रोज जलाएं इतने दीया

शास्त्र के हिसाब से घर के मंदिर में कभी भी एक दीया नहीं जलाना चाहिए। नियम के अनुसार यहां पर हर दिन दो दीया जलाना सही माना जाता है। एक दीया घी वाला होना चाहिए और दूसरे दीए में सरसों का तेल डालना चाहिए। नियम के हिसाब से घी वाला दीया हमेशा भगवान की दाईं ओर ही रखना चाहिए। वहीं तेल वाले दीए को हमेशा बाईं ओर ही जगह देनी चाहिए।

रखें इन बातों का भी ध्यान

इस बात का भी ध्यान रखें कि दीया जलाने से पहले आप मंदिर को एक बार अच्छे से साफ कर लें। विशेष रूप से वो जगह सबसे साफ होनी चाहिए जहां पर आप दीए को रखेंगे। शास्त्र के हिसाब से दीए को हमेशा ईशान कोण में ही रखकर जलाना चाहिए। माना जाता है कि इस दिशा में देवी-देवताओं का वास होता है और ऐसे में इस ओर दीया जलाने से घर में खुशहाली और सुख-शांति आती है।

घर से बाहर होगी नेगेटिव ऊर्जा

इस बात का भी ध्यान रखें कि कभी भी आप एक दीए से दूसरे दीए को ना जलाएं। इसके अलावा कभी भी खंडित और गंदे दीए को ना जलाएं। इन नियमों का पालन करने से ना सिर्फ आपकी पूजा फलदायी होगी बल्कि इससे घर की नेगेटिव ऊर्जा भी बाहर चली जाएगी।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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