वास्तुशास्त्र टिप्स: मुख्यद्वार भगवान गणेश की मूर्ति रखनी चाहिए या नहीं? रखें इन 3 जरूरी बातों का ध्यान

Feb 07, 2026 02:43 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

कई लोग मेनडोर पर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर लगाते हैं लेकिन क्या वास्तु के हिसाब से ऐसा करना सही है या नहीं? इस बारे में नीचे विस्तार से जानें…

वास्तुशास्त्र टिप्स: मुख्यद्वार भगवान गणेश की मूर्ति रखनी चाहिए या नहीं? रखें इन 3 जरूरी बातों का ध्यान

Vastu Tips for Main Door: वास्तुशास्त्र में घर के हर कोने के लिए कुछ ना कुछ नियम जरूर है। शास्त्र के अनुसार घर का मुख्यद्वार सिर्फ अंदर आने का रास्ता नहीं होता है बल्कि यहीं से ऊर्जा का भी आगमन होता है। इसी जगह से घर में नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा आती है। ऐसे में इस जगह की दिशा और साफ-सफाई के साथ-साथ डेकार का सीधा-सीधा असर हमारे घर की सुख-शांति पर पड़ती है। नियम के अनुसार यहां पर कुछ चीजों को नहीं रखना चाहिए। आजकल डेकॉर के नाम पर या फिर अपने मन से लोग यहां पर कुछ भी रख देते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं है।

वास्तु के हिसाब से अगर मुख्य द्वार पर कुछ ऐसी चीज रखी गई हो जो नहीं रखनी चाहिए तो इससे मानसिक शांति में खलल पड़ती है। कई लोग मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की मूर्ति को लगा देते हैं लेकिन क्या वास्तु के हिसाब से ऐसा करना सही है या नहीं? नीचे जानें विस्तार से-

मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति लगाना शुभ या अशुभ?

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। किसी भी पूजा-पाठ और मांगलिक काम में सबसे पहले उनको ही पूजते हैं लेकिन वास्तु के हिसाब से उनकी मूर्ति को मुख्य द्वार पर रखना सही नहीं होता है। बहुत से ऐसे लोग हैं जो घर के मुख्यद्वार के बाहर ऊपर की ओर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर लगाते हैं। दरअसल भगवान गणेश की पीठ में दरिद्रता और आगे की ओर रिद्धी-सिद्धी का वास माना जाता है। ऐसे में अगर मुख्यद्वार के बाहर गणेश जी की मूर्ति लगाई गई है तो इसका साफ मतलब है कि दरिद्रता घर के अंदर प्रवेश करेगी और रिद्धी-सिद्धी बाहर की ओर जा रही हैं। शास्त्र के हिसाब से भगवान गणेश की मूर्ति को घर में अंदर की ओर लगाना चाहिए।

रखें इन 3 बातों का ध्यान

1. वास्तुशास्त्र के हिसाब से घर के मुख्यद्वार पर सुबह शाम पानी छिड़क देना चाहिए। ऐसा करने से मन हमेशा शांत रहता है और घर में खुशहाली बनी रहती है।

2. मुख्यद्वार की सफाई नियमित रूप से करनी जरूरी है। साथ ही शाम के समय यहां पर रोज एक दीया जरूर जलाना चाहिए। इससे घर में मौजूद नेगेटिविटी बाहर चली जाती है।

3. वास्तुशास्त्र के नियम के हिसाब मुख्यद्वार को हमेशा बंद करके रखना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मेनडोर पर किसी भी तरह की दरार और छेद ना हो।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!