
वास्तु शास्त्र: बेवजह के खर्चों पर लगाम लगाएगा ये टिप्स, यहां रख दें घर की तिजोरी
Vastu Tips: अगर आप बेवजह के खर्चों से परेशान हैं और आपके पास पैसा नहीं रुकता है तो वास्तु के कुछ टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। नीचे विस्तार से जानें एक ऐसा कारगार उपाय जिससे आप अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।
Vastu Tips for Money: वास्तु शास्त्र ऐसा विज्ञान है जो हमारे तौर-तरीकों में थोड़ा सा बदलाव करके जिंदगी को आसान बनाता है। शास्त्र में कई ऐसे नियम बताए गए हैं जिसका पालन करने से जिंदगी की कई बाधाओं को भी दूर किया जा सकता है। इस शास्त्र में सिर्फ कमरों की दिशाओं के बारे में ही नहीं बताया गया है बल्कि घर में रखी हुई चीजों का भी इससे खास संबंध होता है। इसमें घर की तिजोरी और गहनों से भी जुड़े कुछ नियम हैं। अगर घर की तिजोरी को सही दिशा में ना रखा जाए तो इससे हमारी आर्थिक स्थिति संकंट में आ सकती है। तो चलिए जानते हैं कि कि घर में तिजोरी को रखने की सही दिशा क्या है? साथ ही जानेंगे कुछ और भी नियम...
इस दिशा में रखें तिजोरी
कई बार ऐसा होता है कि अच्छा-खासा पैकेज होने के बाद भी हाथ में पैसा नहीं रुकता है। बचत के नाम पर कुछ नहीं होता है। अगर आप भी ऐसी स्थिति में आ जाते हैं तो वास्तु के कुछ नियमों का सहारा लेकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं। शास्त्र के अनुसार तिजोरी को हमेशा सही दिशा में ही रखना चाहिए। शास्त्र में बताया गया है कि तिजोरी को हमेशा घर की उत्तर दिशा की ओर ही रखना चाहिए। दरअसल इस दिशा को शास्त्र में मां लक्ष्मी और कुबेर की दिशा कही जाती है। कोशिश करनी चाहिए कि तिजोरी का दरवाजा इसी दिशा ओर खुलें। इसका साफ मतलब है कि तिजोरी दक्षिण दिशा की दीवार के सहारे ही हो।
कर लें ये छोटा सा उपाय
उत्तर दिशा में तिजोरी को रखने के बाद इसमें लाल कपड़ा बिछाकर रख दिया जाए तो इससे भी कई लाभ मिलते हैं। आप चाहे तो इस कपड़े को बिछाने के बाद यहां पर श्री यंत्र रख सकते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से तिजोरी कभी भी खाली नहीं रहती है। साथ ही आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है और फालतू के खर्चों पर भी लगाम लगेगी। इस बात का भी ध्यान रखें की तिजोरी में फालतू की चीजें ना हो। यहां पर पैसों और गहने के अलावा बस जरूरी कागजात ही रखें। साथ ही इसे किचन और बाथरूम की सिधाई में कभी ना रखें।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





