Vastu Shastra: किचन में तवे को उल्टा क्यों नहीं रखना चाहिए? जानें 4 नुकसान और सही तरीका

लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आप किचन में तवे को गलत तरीके से रखते हैं तो वास्तुशास्त्र के अनुसार इससे कई नुकसान हो सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में। 

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वास्तुशास्त्र में किचन को घर का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। इसी जगह सबका खाना बनता है और इस वजह से किचन से जुड़ी हर एक छोटी बात भी मायने रखती है। आमतौर पर ऐसा होता है कि तवे का इस्तेमाल करने के बाद लोग इसे अपने-अपने तरीके से किचन में रख देते हैं। कोई इसे गैस चूल्हे पर गंदा ही छोड़ देता है तो कोई दीवार के सहारे इसे खड़ा करके रख देता है। वहीं तमाम लोग तवे को उल्टा करके रख देते हैं। देखने या पढ़ने में ये बहुत ही छोटी सी बात लगेगी लेकिन वास्तु शास्त्र में तवे को उल्टा रखना सबसे ज्यादा अशुभ माना जाता है। आज जानेंगे कि आखिर तवे को उल्टा रखने से कौन से 4 बड़े नुकसान हो सकते हैं?

तवा उल्टा रखने के 4 नुकसान-

1. बढ़ता है फालतू का खर्चा

तवे को अगर उल्टा रखा जाए तो वास्तुशास्त्र में माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। मान्यता है कि इस वजह से घर में पैसा नहीं टिकता है और फालतू के खर्चे और बढ़ जाते हैं। ऐसे में मेहनत करने के बाद भी पैसा कहीं ना कहीं से चला ही जाता है।

2. बढ़ेगा राहु का बुरा प्रभाव

नियम के अनुसार अगर आप तवा गलत तरीके से रखेंगे तो इससे राहु का बुरा प्रभाव बढ़ने लगेगा। दरअसल तवे का संबंध राहु से माना जाता है। ऐसे में अगर तवे को रात भर गंदा या उलटा रख दिया जाए तो इससे जिंदगी में नेगेटिव एनर्जी बढ़ने लगेगी। इसी के साथ कई काम बनते-बनते अटकने लगेंगे।

3. घर के मुखिया पर असर

वास्तुशास्त्र के अनुसार इस गलती का असर सबसे ज्यादा घर के मुखिया पर भी पड़ सकता है। नौकरी और बिजनेस में रूकावट शुरू हो जाएंगे। मेहनत का पूरा फल नहीं मिलेगा। इसी वजह से वास्तु शास्त्र में जोर दिया जाता है कि तवे को गलत या फिर उल्टा रखने की गलती नहीं करना चाहिए।

4. घर में होते हैं खूब कलेश

उल्टा तवा रखने से पूरे घर की पॉजिटिव एनर्जी इससे प्रभावित होती है। उल्टा या फिर गंदा तवा रखने से घर के लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है। वहीं छोटी सी छोटी बात पर लोगों के बीच बहस या फिर मनमुटाव जैसी स्थिति बनने लगती है। ऐसे में घर की सुख-शांति पूरी तरह से भंग होने लगती है।

तवा को रखने का सही तरीका

वास्तुशास्त्र के हिसाब से तवे को इस्तेमाल करने के बाद इसे सही से धो लें। फिर इसे सुखाकर सीधा रख दें। तवे को ना ही उल्टा रखें और ना ही इसे दीवार के सहारे खड़ा करें। ना ही इसे कहीं पर टांगकर रखें। तवे को ऐसी जगह और इस तरह से रखें कि बाहरी लोगों की नजर उस पर ना पड़ें। मान्यता ऐसी भी है कि इसे गैस चूल्हे के दाईं और रखा जाए तो शुभ होता है।

डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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