वास्तु शास्त्र: कहीं गलत दिशा में तो नहीं लगा रहे हैं आप फोटो फ्रेम? ये है सही नियम और तरीका
वास्तु शास्त्र के हिसाब से अगर घर में फोटो फ्रेम लगाए जाए तो इसका प्रभाव सकारात्मक पड़ता है। वहीं अगर इनके लिए गलत दिशा का चुनाव किया जाए तो इससे वास्तु दोष भी हो सकता है।

वास्तु शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है जिसमें हमारी जिंदगी को आसान बनाने की कला बताई गई है। हम अपने आसपास की चीजों को काफी नजरअंदाज करते हैं। वहीं वास्तु शास्त्र के हिसाब से हमारे आसपास रखी हुई एक छोटी सी चीज भी हमारी एनर्जी को प्रभावित करती है। अभी भी कई लोगों को यही लगता है वास्तु शास्त्र सिर्फ और सिर्फ घर की दिशा तक ही सीमित है लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपने बगल में पानी का ग्लास भी रखा है तो उसकी एनर्जी भी आपको कहीं ना कहीं जरूर प्रभावित करेगी। आज जानेंगे घर में रखे हुए या टांगे गए फोटो फ्रेम्स के बारे में। डेकॉर के नाम में हम अपने हिसाब से फोटो फ्रेम्स को इधर-उधर रख देते है। हालांकि इन्हें सही दिशा में लगाना जरूरी होता है नहीं तो इनकी एनर्जी से चीजें खराब भी हो सकती हैं।
सही दिशा का मालूम होना जरूरी
घर को सजाने के लिए हम कई तरह के फ्रेम या फिर पोस्टर लगाते हैं। कुछ फोटो फ्रेम में हमारी और हमारे अपनों की तस्वीर होती है तो वहीं कुछ पोस्टर्स भगवान या फिर नेचर से जुड़े हुए होते हैं। तस्वीर चाहे जैसे भी हो उसे लगाने की सही दिशा का मालूम होना जरूरी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार हर एक चीज के लिए अलग-अलग दिशा सही मानी जाती है और अगर नियमों का पालन किया जाए तो इससे हमारे घर का वास्तु तो सही रहता ही है। साथ ही हमारी जिंदगी पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नीचे जानें इससे जुड़े कुछ खास नियमों को-
यहां ना लगाएं शादी की तस्वीरें
वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार शादी से जुड़ी हुई तस्वीरें या फोटो फ्रेम्स को हमेशा सही दिशा में लगाना चाहिए। अगर इसे गलत दिशा में लगाया जाए तो इनके बीच तनाव की स्थिति बनने लगती है। ऐसी तस्वीरों को कभी भी उत्तर दिशा में नहीं लगाना चाहिए। साथ ही उत्तर-पूर्व दिशा में भी इसे नहीं लगाना चाहिए।
यहां लगाएं फैमिली गैदरिंग वाली तस्वीरें
अगर आपको अपनी फैमिली गैदरिंग वाली तस्वीरों या फिर पोस्टर को घर में लगाना है तो इसके लिए परफेक्ट दिशा का चुनाव जरूरी है। वास्तु शास्त्र के हिसाब से ऐसी तस्वीरों को हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही लगाना चाहिए। ऐसी तस्वीरों इस दिशा में लगाने से घर में बरकत आती है और लोगों के बीच भी प्यार और अंडरस्टैंडिंग बनी रहती है।
भगवान की तस्वीर के लिए सही दिशा
अगर भगवान से जुड़ी तस्वीरों को दीवार पर लगाना है तो इसके लिए ईशान कोण का चुनाव करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में इस दिशा को सबसे पवित्र माना जाता है। हालांकि इस दिशा में बाकी कोई तस्वीर ना लगाएं। वहीं पूजा घर भी ईशान कोई में ही होना चाहिए। ऐसा करेंगे तो भगवान की तस्वीरें या फिर मूर्ति इसी दिशा में रहेंगी जोकि काफी शुभ मानी जाती हैं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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