Vastu Tips: पोछा लगाते वक्त पानी में डाल लें ये चीज, घर से दबे पांव भागेगी नेगेटिविटी

लाइव हिन्दुस्तान
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क्या आपको अपने ही घर में भारीपन सा महसूस होने लगा है। अक्सर ऐसा घर की बढ़ती नेगेटिविटी की वजह से होता है। वास्तु शास्त्र में इस नेगेटिविटी को दूर करने के कई उपाय बताए गए हैं। आज ऐसे ही एक आसान से उपाय के बारे में जानते हैं।

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आपने ये जरूर गौर किया होगा कि किसी जगह जाकर बहुत सुकून मिलता है। तो वहीं कोई जगह ऐसी होती है जहां पर कुछ ही मिनट में भारीपन का महसूस होता है। ऐसा जगह की वाइब और एनर्जी की वजह से होता है। जिस जगह नेगेटिविटी होगी, वहां आपका मन नहीं लगेगा। अगर घर में नेगेटिविटी हो तो मन हमेशा अशांत रहता है और धीरे-धीरे घर का वास्तु भी खराब हो जाता है। ऐसे में वास्तु शास्त्र के कुछ आसान से उपाय हर मुश्किल का हल निकाल देते हैं। अगर आपको भी अपने घर में ऐसा ही महसूस होने लगा है तो वास्तु शास्त्र के एक उपाय से इससे छुटकारा पा सकते हैं। आज बात करेंगे उस उपाय के बारे में जो आपके घर से नेगेटिविटी को पूरी तरह से खत्म कर देगा।

पोछा लगाते वक्त करें ये काम

घर की नियमित रूप से साफ-सफाई करना जरूरी है। अपने आसपास अगर साफ-सफाई ना हो तो राहु के अशुभ प्रभाव हमारी जिंदगी में बढ़ने लगते हैं। घर की सफाई के लिए झाड़ू पोछा किया जाता है। वास्तु के नियम के अनुसार अगर पोछा लगाते वक्त ही कुछ चीजें ध्यान से कर ली जाए तो घर की नेगेटिविटी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियम के अनुसार पोछा लगाते वक्त पानी में हमेशा सादा या फिर समुद्री नमक डाल लेना चाहिए। इससे फालतू की एनर्जी घर से बाहर हो जाती है।

इस समय कर सकते हैं पोछा

शास्त्र के हिसाब से तो घर में पोछा लगाने का सबसे अच्छा समय ब्रह्म मुहूर्त होता है। हालांकि इतनी सुबह हर कोई नहीं उठ पाता है। ऐसे में सूर्योदय से पहले और ठीक बाद भी इस काम को कर लिया जाए तो घर का वातावरण बहुत ही पॉजिटिव हो जाता है। नमक के अलावा पानी में नींबू का कुछ रस भी मिला सकते हैं। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि घर में कभी भी भूलकर पोछा नहीं लगाना चाहिए। दोपहर में पोछा लगाने से घर की एनर्जी पर फर्क पड़ता है। शास्त्र में ये भी बताया गया है कि पोछे की शुरुआत हमेशा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा से करनी चाहिए।

सोर्स: बृहद सरस वास्तुशास्त्र (संपादन- प्रमोद कुमार शास्त्री)

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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