
Vastu Shastra: घर में कबूतर का घोंसला बनना क्या देता है संकेत? जानें नुकसान और आसान से उपाय
अगर घर में कबूतर का घोंसला है तो वास्तुशास्त्र की नजर में ये शुभ है या अशुभ? नीचे विस्तार से जानें इसके बारे में और इससे जुड़े संकेत और उपायों के बारे में…
कहते हैं कि जिन घरों में पक्षियों की चहचहाहट सुनाई दें, वहां पर खुशहाली अपने आप ही आ जाती है। वास्तुशास्त्र में भी घर में आने वाले पशु और पक्षियों को सकारात्मक नजरिए से ही देखा जाता है। मान्यता के अनुसार इनका घर में इनके आने को शुभ और अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। वहीं अगर कोई पक्षी घर में आकर घोंषला बनाता है तो ये सोच में डालता है। कई लोग इसे शुभ मानते हैं तो वहीं कुछ लोग इसे नकारात्मकता से जोड़कर देखते हैं। आज बात करेंगे कबूतर के घोंसले के बारे में। आपने भी कहीं ना कहीं या फिर घर के आसपास ही देखा होगा कि कबूतर घोंसला बना रही है लेकिन क्या ऐसा होना घर के वास्तु के लिए सही है? या फिर इसके होने से घर में सकारात्मकता आती है? जानते हैं कि शास्त्र में इस बारे में क्या बताया गया है?
घर में कबूतर का घोंसला होना शुभ या अशुभ?
वास्तुशास्त्र के हिसाब से घर में कबूतर का घोंसला बनना ज्यादातर मामलों में अशुभ ही माना जाता है। शास्त्र के नियम के हिसाब से कबूतर का घोंसला जहां भी होता है, वहां पर नकारात्मक एनर्जी एक्टिव हो जाती है। ऐसा नहीं है कि कबूतर का आसपास होना अशुभ है लेकिन उनके घोंसले की वजह से घर का वास्तु खराब होता है। ऐसे में घर के लोगों की सेहत के साथ-साथ पैसों की स्थिति और मानसिक शांति पर इसका असर पड़ता है।
घर में कबूतर का घोंसला होने के नुकसान
शास्त्र के अनुसार अगर कबूतर घोंसला बना रहा है तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में घर के मुखिया को वो जगह छोड़ना होगा। या फिर ऐसा हो सकता है कि आने वाले समय में घर का मुखिया कहीं दूर रहने लगे। साथ ही जिन घरों में घोंसला होता है, वहां के लोगों को आर्थिक संकट का सामना लगातार करना पड़ता है। इसी के साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा में कमी देखी जाती है और हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है।
घोंसला हो तो करें ये उपाय
अगर कबूतर ने घर में घोंसला बना लिया है तो आपको पैनिक करने की जरूरत नहीं है। अगर कोई समस्या होती है तो वास्तुशास्त्र में इसके उपाय भी बताए गए हैं। नियम के अनुसार आप घोंसले को घर से हटवा सकते हैं। इस वक्त आपको ध्यान देना है कि घोंसले और पक्षियों को किसी भी तरह का नुकसान ना हो। इसे कहीं बाहर की ओर रखवा दें। वहां पर पक्षियों के लिए पानी पीने की व्यवस्था भी करवा दें। हो सकें तो दाने की भी व्यवस्था कर दें। साथ ही जिस जगह से आपने घोंसला हटाया है वहां पर कपूर या लोबान जला दें। कोशिश करें कि यहां पर हवा और धूप सही से आए।
सोर्स: बृहद सरल वास्तुशास्त्र, श्री ठाकुर प्रसाद पुस्तक भंडार, वाराणसी (प्रकाशक)
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





