वास्तु शास्त्र: घर में मोर पंख रखते वक्त कहीं आप तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां? इस दिशा में रखने से आती है बरकत

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Mor Pankh Vastu: लोग पॉजिटिविटी के लिए घर में मोरपंख रखते हैं लेकिन इसे सही तरीके से ना रखा जाए को वास्तु दोष लगता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि मोर पंख को रखते हुए हमें किन गलतियों से बचना चाहिए ताकि इसका पूरा-पूरा लाभ मिल पाए?

वास्तु शास्त्र: घर में मोर पंख रखते वक्त कहीं आप तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां? इस दिशा में रखने से आती है बरकत

वास्तु शास्त्र की मदद से जिंदगी में आने वाली बाधाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शास्त्र में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं जोकि आसान भी है और इनकी मदद से घर का वास्तु दोष भी दूर हो जाता है। वास्तु में कुछ उपाय मोर पंख से भी जुड़े हुए हैं। घर में मोर पंख को रखना काफी अच्छा और शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नेगेटिविटी दूर होती है। हालांकि लोग घर में मोर पंख तो रख लेते हैं लेकिन सही नियम पता ना होने की वजह से लोग कई गलतियां कर बैठते हैं। ऐसे में मोर पंख से लाभ मिलने की बजाय सब गड़बड़ भी हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर मोर पंख को घर में रखते वक्त हमें कौन सी गलतियां नहीं करनी है?

घर में मोर पंख रखते वक्त ना करें ये गलतियां

  1. टूटा हुआ मोर पंख ना रखें: तमाम लोगों को ऐसा लगता है कि मोर पंख कैसा भी हो किसी भी अवस्था में हो वो अपना करिश्मा दिखाता रहेगा। हालांकि ये सोच गलत है। अगर आप घर में मोर पंख रहे हैं तो ये बात ध्यान में हमेशा होनी चाहिए कि कहीं ये टूटा हुआ या खराब हालत में ना हो। दरअसल ऐसे मोर पंख में अच्छी एनर्जी कम हो जाती है। ऐसे में मोर पंख का पूरा-पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
  2. इन 2 जगहों पर ना रखें मोर पंख: मोर पंख को कभी भी गलती से बाथरूम में नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा इसे किचन में भी रखने से बचना चाहिए। वास्तु के नियम के अनुसार मोर पंख को यहां रखने से घर में दरिद्रता आती है। इन दोनों जगहों पर मोर पंख को रखने से इसकी अच्छी एनर्जी का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होने लगता है और इससे घर में तनाव की स्थिति पैदा होने लगती है।

  • ज्यादा मोरपंख ना रखें: कई लोग डेकॉर के नाम घर में बहुत सारे मोर पंख रख देते हैं जोकि सही नहीं है। वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर में मोर पंख ज्यादा नहीं रखना चाहिए। अगर एक से ज्यादा मोर पंख रखना ही हो तो ये संख्या 1, 3 या फिर 5 तक पहुंच सकती है।
  • गंदी जगह ना रखें मोर पंख: वास्तु शास्त्र के नियम के हिसाब से मोर पंख को हमेशा ऐसी जगह ही रखना चाहिए जहां साफ-सफाई हमेशा होती रहे। अगर इसे गंदी जगह पर रखा जाता है तो घर का माहौल इससे बिगड़ने लगता है। इस गलती के चलते घर के लोग आर्थिक तंगी से जूझने लगते हैं। वहीं घर में सकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है और ऐसे में घर में कलेश की स्थिति बनती है। शास्त्र के हिसाब से गंदी जगह पर मोर पंख को रखने से राहु-केतु के दोष भी बढ़ने लगते हैं।

  • ना करें ऐसे मोर पंख का इस्तेमाल: मोर पंख से जुड़ी कुछ ऐसी कॉमन गलतियां हैं जिस पर लोग ज्यादा ध्यान भी नहीं देते है। नियम के हिसाब से घर में कभी भी ऐसा मोर पंख नहीं रखना चाहिए जो बार-बार जमीन पर गिर चुका है। साथ ही अगर ऐसे मोर पंख पर पैर लगा है तो इसे भूलकर भी घर में नहीं रखना चाहिए। इसे शुभ नहीं माना जाता है।

मोर पंख को रखने की सही दिशा

वास्तु के अनुसार मोर पंख को हमेशा ईशान कोण में रखना चाहिए। ईशान कोण पूर्व और उत्तर दिशा को कहा जाता है। इस दिशा को वास्तु में सबसे पवित्र माना जाता है। ऐसे में यहां पर मोर पंख को रखने से घर में बरकत आती है और मन भी शांत रहता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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