Vastu Shastra: मुख्य द्वार पर करें हल्दी के पानी का छिड़काव, दूर होंगे राहु-केतु के दोष
Turmeric Water Vastu Tips: वास्तुशास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार पर हल्दी के पानी के छिड़काव से खूब फायदे मिलते हैं। हालांकि इसे सही तरीके से किया जाए तभी ये असरदार होता है।

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। ये सिर्फ अंदर या बाहर जाने का रास्ता ही नहीं है बल्कि यही से घर में अच्छी और बुरी ऊर्जा आती है। वास्तु मान्यता है कि घर में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन मुख्यद्वार से ही होता है। ऐसे मुख्य द्वार का साफ-सुथरा रखा जाना काफी जरूरी है। वहीं यहां से जुड़े कुछ वास्तु उपाय भी हैं जो खूब फायदे देते हैं। इसी में से एक उपाय मुख्य द्वार पर पानी का छिड़काव करने वाला है। वास्तु मान्यता है कि इससे घर की नेगेटिव एनर्जी कम होती है और घर का माहौल शांत रहता है। जानिए इस उपाय को करने का सही तरीका।
वास्तु में हल्दी है खास
हल्दी को बहुत ही शुभ माना जाता है और कई वास्तु उपाय में इसका इस्तेमाल होता है। पूजा-पाठ से लेकर मांगलिक कामों में हल्दी का इस्तेमाल खूब होता है। इसे सुख-समृद्धि और पॉजिटिविटी से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि हल्दी के पानी वाला छिड़काव घर में अच्छी एनर्जी लेकर आता है।
ऐसे करें हल्दी वाला ये उपाय
एक साफ बर्तन में पानी लें और फिर इसमें एक चुटकी हल्दी मिला दें। ज्यादा हल्दी मिलाने से मुख्य द्वार पर इसके निशान रह जाएंगे। ऐसे में कम ही हल्दी दें। अब इस पानी का हल्का-हल्का छिड़काव आप घर के दरवाजे और चौखट के आसपास करें। अगर आप इस उपाय को गुरुवार के दिन करेंगे तो ये और भी शुभ होगा। हालांकि आप इसे किसी भी दिन कर सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि हल्दी के पानी के छिड़काव से पहले आप घर के मुख्य द्वार को अच्छे से साफ कर लें। पंडित जी से करें चैट
राहु-केतु दोष से मिलेगा छुटकारा
वास्तु और ज्योतिष मान्यता है कि अगर किसी के घर में बार-बार कलह की स्थिति बन रही है। फालतू के झगड़े हो रहे हैं या फिर हर अच्छे काम में किसी ना किसी तरह की रुकावट पैदा होने लगती है तो इन चीजों को राहु-केतु के अशुभ प्रभाव के रूप में देखा जाता है। ऐसे घरों में हल्दी के पानी का छिड़काव करने से बहुत लाभ मिलेंगे। ऐसी भी मान्यता है कि इस उपाय से आर्थिक स्थिति भी अच्छी होती है क्योंकि लक्ष्मी मां का आगमन होता है।
ना करें मुख्य द्वार से जुड़ी ये गलतियां
1. मुख्य द्वार पर कभी भी गंदगी ना जमा होने दें।
2. यहां पर टूटी हुई चीजें बिल्कुल भी ना रखें।
3. मुख्य द्वार पर कभी भी डस्टबिन रखने की गलती ना करें।
4. जब भी हल्दी वाला उपाय करें तो मन को पॉजिटिव रखें।
5. हल्दी के पानी का छिड़काव आराम से करें। इसमें किसी भी तरह की जल्दबाजी करना सही नहीं होगा।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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