वास्तु शास्त्र: घर की इस दिशा में होता है देवी-देवताओं का वास? यहां ना रखें ये 3 चीजें
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की एक दिशा ऐसी है जोकि सबसे पवित्र होती है। ऐसे में इस जगह वास्तु के अनुसार कुछ चीजों को भूलकर भी नहीं रखना चाहिए।

वास्तु शास्त्र में वैसे तो घर ही हर दिशा का अपना महत्व होता है। शास्त्र हर दिशा से जुड़ा कोई ना कोई नियम और उपाय जरूर है। बात की जाए घर के ईशान कोण की तो इसे शास्त्र की दुनिया में सबसे पवित्र माना जाता है। आसान भाषा में समझा जाए तो घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ही ईशान कोण कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिशा में देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में इस दिशा में ही मंदिर या फिर कोई पॉजिटिव चीज को ही रखना शुभ माना जाता है। इस दिशा को अगर हमेशा साफ-सुथरा रखा जाए और यहां पर ज्यादा सामान ना रखा जाए तो घर में हमेशा पॉजिटिव माहौल बना रहता है। ईशान कोण से जुड़ा वास्तु अगर सही रहे तो इससे मन भी शांत रहता है और घर में खुशहाली बनी रहती है।
कई लोगों को ईशान कोण से जुड़ी जानकारी नहीं होती है। ऐसे में लोग मंदिर इधर-उधर बना देते हैं। ऐसे में ईशान कोण वाली दिशा में अपने मन से कोई भी सामान रख दिया जाता है जोकि वास्तु के हिसाब से सही नहीं है। ईशान कोण से जुड़े नियमों का पालन ना करने पर इसका असर घर के वास्तु पर सीधे तौर पर पड़ता है। आज जानते हैं कि ईशान कोण की ओर हमें किन चीजों को भूलकर भी नहीं रखना है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखनी चाहिए ये चीजें
जूते-चप्पल और कूड़ेदान
अब जैसा कि उत्तर-पूर्व दिशा घर का सबसे पवित्र कोना है। ऐसे में यहां पर भूलकर भी जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए। साथ ही कोशिश करनी चाहिए कि यहां पर कोई कूड़ेदान या फिर किसी भी तरह की गंदगी ना हो। इन चीजों से घर में नकारात्मकता आती है और इससे माहौल खराब होता है। नियम के हिसाब से यहां पर साफ-सफाई हमेशा होनी चाहिए और इस एरिया को हल्का ही रखना चाहिए।
ईशान कोण पर ना रखें भारी सामान
कई बार लोग जगह को इस्तेमाल करने के चलते ईशान कोण पर कुछ भी रख देते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र के नियम के हिसाब से ईशान कोण की ओर भारी सामान तो भूलकर भी नहीं रखना है। माना जाता है कि इस दिशा में कोई भी भारी सामान जैसे अलमारी, बेड या फिर लोहे की बनी कोई भी चीज रखने से घर की अच्छी एनर्जी का बैलेंस बिगड़ेगा। वहीं पॉजिटिव एनर्जी का आगमन भी बाधित होने लगेगा।
ईशान कोण में ना रखें टूटी हुई ये चीज
वास्तु शास्त्र के नियम के अनुसार ईशान कोण की ओर कभी भी भगवान की टूटी हुई मूर्तियां नहीं रखनी हैं। अगर भगवान की कोई फोटो जोकि फट गई है या बहुत ही ज्यादा पुरानी हो चुकी है तो उसे भी इस दिशा में ना ही रखें। इन्हें इस दिशा में रखना सही नहीं माना जाता है। ईशान कोण की ओर जब आप मंदिर की स्थापना करें तो यहां पर साफ-सुथरी मूर्ति और तस्वीर ही लगाएं।
ईशान कोण को ऐसे रखें पॉजिटिव
अगर आप घर के ईशान कोण वाले कोने को हमेशा पॉजिटिव रखने की कोशिश करेंगे तो हमेशा शांति का एहसास होगा। साथ ही घर में अच्छी एनर्जी आएगी। ईशान कोण वाला हिस्सा हमेशा साफ रखें। कोशिश करें कि यहां पर हल्के रंग की दीवार या पर्दा हो। ये जरूर सुनिश्चित करें कि इस दिशा में हवा और रोशनी पर्याप्त मात्रा में आए। साथ ही रोज यहां पर दीया जरूर जलाएं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
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