Hindi Newsधर्म न्यूज़Vastu Shastra How should you place an elephant statue in your home know types and benefits
वास्तु: घर में कैसी रखनी चाहिए हाथी की मूर्ति, जानिए इनके प्रकार और फायदे

वास्तु: घर में कैसी रखनी चाहिए हाथी की मूर्ति, जानिए इनके प्रकार और फायदे

संक्षेप:

वास्तु के मुताबिक हाथी की मूर्ति को घर में रखना बेहद शुभ माना जाता है। यह समृद्धि, बुद्धि, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हाथी की मूर्ति सही स्थान और दिशा में रखने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

Dec 21, 2025 06:09 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

वास्तु शास्त्र में सुखी जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण बातें बताई गयी हैं। इसलिए लोग घर बनवाते या फिर घर में सामान को रखते समय वास्तु के नियमों को ध्यान में रखते हैं। ऐसे में कई लोग अपने घर में हाथी की मूर्ति रखते हैं। वास्तु के मुताबिक हाथी की मूर्ति को घर में रखना बेहद शुभ माना जाता है। यह समृद्धि, बुद्धि, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हाथी की मूर्ति सही स्थान और दिशा में रखने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

लोग अलग-अलग प्रकार की हाथी की मूर्ति घर में रखते हैं। कोई रंग-बिरंगे हाथी की मूर्ति रखता है, कोई चांदी की मूर्ति रखता है, तो कोई जोड़ीदार हाथी की मूर्ति को रखता है। हर हाथी की मूर्ति के अपने महत्व व फायदे होते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि घर में किस तरह की हाथी की मूर्ति रखना चाहिए और इनके फायदे क्या है?

हाथी की मूर्ति के प्रकार व फायदे

सूंड उठाए हुए हाथी की मूर्ति

सूंड ऊपर उठी हुई हाथी की मूर्ति रखना बेहद शुभ होता है। इस मूर्ति को घर में रखने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा कार्यक्षेत्र में खूब तरक्की मिलती है। यह उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक होता है।

कहां लगाएं

वास्तु के मुताबिक आप घर के मेन गेट पर सूंड उठाए हुए हाथी का मूर्ति रखना शुभ होता है। इस प्रकार की प्रतिमा को विजय और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। अगर आप मुख्य द्वार पर हाथी की मूर्ति या चित्र लगाते हैं, तो इससे घर में हमेशा सकारात्मकता बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होने लगती है।

सूंड नीचे किए हुए हाथी की मूर्ति

यदि आप घर में सूंड नीचे किए हुए हाथी की मूर्ति रखते हैं, तो यह कई तरह के लाभ पहुंचाता है। यह मूर्ति जमीन-जायदाद में लाभ, परिवार में स्थिरता और मन में संतुलन पैदा करता है।

जोड़ीदार हाथी की मूर्तियां

जोड़ीदार हाथी की मूर्तियों को घर में या मुख्य द्वार पर रख सकते हैं। इस प्रकार हाथी की प्रतिमा रखने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जातक के मान-सम्मान में भी वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं और जातक का अच्छा समय शुरू हो सकता है। आप अपने सामर्थ्य के अनुसार, घर में चांदी, पीतल, पत्थर, लकड़ी आदि की मूर्ति लाकर रख सकते हैं।

कई लोग जोड़ों में घर में हाथी रखते हैं। इससे दांपत्य जीवन में सामंजस्य, परिवार में एकता और ऑफिस में टीमवर्क बढ़ता है।

बच्चे वाले हाथी की मूर्ति

घर में हाथी के बच्चे वाली मूर्ति रखना भी शुभ फलदायी माना जाता है। इसे घर में रखने गर्भधारण में सकारात्मक ऊर्जा लाता है, बच्चों के स्वास्थ्य व विकास के लिए शुभ होता है और परिवार में प्रेम बढ़ाता है।

अलग-अलग रंग में हाथी की मूर्ति का महत्व

सफेद रंग का हाथी- शांति, ज्ञान, विलासिता और धन का प्रतीक होता है।

लाल रंग का हाथी- यह प्रसिद्धि, मान्यता और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाता है।

हरे रंग का हाथी- यह शक्ति, भाग्य और विकास का प्रतीक होता है।

काला हाथी- यह सफलता और समृद्धि को आकर्षित करने वाला होता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ , Aaj ka Rashifal,Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!
;;;