
Griha Pravesh Rules: गृह प्रवेश के बाद भूलकर भी ना करें ये गलती, 40 दिन तक ना तोड़े ये नियम
Vastu Tips for Griha Pravesh: वास्तु के अनुसार गृह प्रवेश के वक्त जहां कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं इसके बाद के भी कुछ नियम हैं, जिन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जानते हैं एक ऐसे ही नियम के बारे में…
Griha Pravesh Rituals: घर खरीदना हर किसी के लिए सबसे बड़ा सपना होता है। खुद पर तब नाज होता है, जब खुद के पैसों से घर लेते हैं। हर किसी की टू डू लिस्ट में ये सपना जरूर शामिल होता है। इस सपने को पूरा करने के बाद कुछ चीजों को ध्यान में रखना बेहद ही जरूरी होता है। हर कोई यही चाहता है कि उसके घर में सुख-शांति हमेशा बनी रहे। ऐसे में कुछ चीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नया घर लेने के बाद सबसे पहला काम होता है गृह प्रवेश की तैयारी का। बता दें कि वास्तु शास्त्र में गृह प्रवेश को लेकर कई तरह के नियम बताए गए हैं। वहीं ज्योतिष शास्त्र में इसकी पूजा विधि का भी वर्णन हैं। आज हम बात वास्तु के लिहाज से करेंगे।
इतने दिन बंद ना करें घर
बता दें कि जितना जरूरी वास्तु के हिसाब से घर को बनवाना है, उतना ही जरूरी शास्त्र के हिसाब से पूजा करने की भी है। विधि विधान से गृह प्रवेश करने के बाद भी कुछ ऐसी चीजें हैं जिसका पालन करना जरूरी है। माना जाता है कि गृह प्रवेश करने के बाद उस घर को कभी भी बंद नहीं करना चाहिए यानी घर में कोई ना कोई सदस्य जरूर होना चाहिए। अब ऐसा कितने दिन करना जरूरी है? इस बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। तो आज जानेंगे कि शास्त्र में इसके लिए कौन सा नियम बताया गया है? शास्त्र के मुताबिक गृह प्रवेश की पूजा के बाद कोशिश करनी चाहिए कि वहां पर 40 दिन तक कोई ना कोई जरूर रहें। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो घर में नकारात्मक ऊर्जा के आगमन की संभावना बढ़ जाती है।
रखें इन बातों का ध्यान
वास्तु के हिसाब से गृह प्रवेश के दिन का चुनाव करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। शास्त्र के हिसाब से सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार का दिन गृह प्रवेश की पूजा के लिए काफी शुभ होता है। ऐसे में इन्हीं दिनों में ही नए घर में पूजा रखवानी चाहिए। भूलकर भी मंगलवार, शनिवार और रविवार के दिन गृह प्रवेश की पूजा को टालना ही बेहतर होता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





