Vastu Shastra: घर के मंदिर में शंख बजाना चाहिए या नहीं? जान लें इससे जुड़े 3 सबसे जरूरी नियम

Mar 04, 2026 07:10 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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घर के मंदिर में हर कोई शंख रखता है। हालांकि इसे लेकर बहुत कम लोगों को ही जानकारी है कि इसे कैसे और किस हाल में रखना चाहिए। नीचे विस्तार से जानें शंख को घर के मंदिर में किस तरह रखा जाए और साथ ही ये भी जानें इसे घर में रखने से क्या-क्या फायदे होते हैं?

Vastu Shastra: घर के मंदिर में शंख बजाना चाहिए या नहीं? जान लें इससे जुड़े 3 सबसे जरूरी नियम

Shankh Vastu Tips: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कई चीजों का होना जरूरी माना जाता है और इनमें से एक महत्वूपूर्ण चीज शंख है। शंख काफी पवित्र और ऊर्जावान होता है। कहा जाता है कि अगर घर में इसे पूरे विधि विधान के साथ रखा जाए तो भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। जब भी शंख बजाते हैं तो इसकी ध्वनि से सकारात्मकता आती है और मन भी शांत होता है। ऐसे में पूजा में इसे शामिल करना जरूरी होता है। हालांकि इस बात को लेकर लोगों के बीच काफी कन्फ्यूजन होती है कि घर के मंदिर में शंख रखना चाहिए या नहीं? बता दें कि वास्तु के अनुसार शंख को मंदिर में रख सकते हैं लेकिन इसको लेकर भी कई तरह के नियम हैं। नीचे विस्तार से जानें इन नियमों के बारे में-

किस दिशा में रखें शंख

घर के मंदिर में आप बिना किसी भी डर के शंख को रख सकते है। हालांकि इसकी दिशा का सही होना जरूरी होता है। वास्तु के नियमों के अनुसार शंख को हमेशा ईशान कोण में रखना चाहिए। बता दें कि वास्तु की दुनिया में ईशान कोण उत्तर-पूर्व दिशा को कहा जाता है। शास्त्र के हिसाब से घर का ये हिस्सा सबसे पवित्र होता है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि इसी दिशा में देवी-देवता रहते हैं। ऐसे में इस दिशा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। नियम के हिसाब से इसी दिशा में शंंख को रखना चाहिए। ऐसा भी मानते हैं इसी दिशा में भगवान विष्णु भी होते हैं। इस वजह से इस दिशा का हमेशा साफ-सुथरा रहना जरूरी है।

शंख को यहां ना रखें

नियम के हिसाब से शंख को कुछ दिशाओं में तो भूलकर भी नहीं रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के हिसाब से शंख को कभी भी घर की या फिर मंदिर की दक्षिण दिशा की ओर नहीं रखना चाहिए। इस ओर अगर भूलकर भी शंख रख दिया जाए तो इससे नकारात्मकता ही बढ़ती है।

ऐसे करें शंख की सफाई

आमतौर पर ऐसा होता है कि लोग मंदिर में शंख को सही दिशा में रख तो देते हैं लेकिन बाकी नियम को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र में इस बात का जिक्र है कि शंख की सफाई समय-समय पर करनी जरूरी है। इसे हफ्ते में एक बार जरूर साफ कर लेना चाहिए। साफ करने के लिए गंगाजल का इस्तेमाल करना चाहिए लेकिन अगर ये संभंव ना हो पाए तो साफ पानी से इसे साफ करें।

घर में शंख रखने के फायदे

अगर घर के मंदिर में शंख को रखा जाए तो इससे कई फायदे मिल सकते हैं। शंख की वजह से घर का वास्तु दोष आराम से खत्म हो जाता है। नियमित रूप से पूजा में इसे बजाया जाए तो नकारात्मकता हमसे कोसों दूर रहती है। वहीं इसकी मौजूदगी से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। साथ ही इसकी एनर्जी से घर में सुख-समृद्धि आती है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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