वास्तु शास्त्र: घर में लगवा सकते हैं गोल शीशा? जानें बेडरूम के लिए सही है कौन सी दिशा

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घर में शीशे का होना बेहद ही जरूरी होता है। वैसे अगर सही नियम के अनुसार शीशा ना लगाया जाए तो ये घर में नेगेटिविटी भी ले आ सकता है। नीचे विस्तार से जानें शीशे से जुड़े कुछ वास्तु नियम, जिससे घर की एनर्जी को पूरी तरह बदला जा सकता है। 

vastu shastra ghar me gol shisha lagana chahiye ya nahi

Mirror In Bedroom Vastu Tips: देखा जाए तो शीशा सबसे नाजुक चीज है लेकिन इसका गलत प्लेसमेंट पूरी की पूरी एनर्जी को बदल सकता है। घर में शीशे का होना बेहद ही जरूरी होता है। वास्तु शास्त्र में शीशे का विशेष महत्व होता है। हालांकि सही दिशा और जगह का होना बेहद ही जरूरी है नहीं तो नाजुक सा दिखने वाला शीशा घर में तबाही भी ला सकता है। तो चलिए विस्तार से समझते हैं शीशे से जुड़ा वास्तु का नियम। आखिर घर में गोल शीशा लगाना चाहिए या नहीं? या फिर बेडरूम में किस ओर शीशा लगाना चाहिए? इन सवालों के जवाब नीचे जानिए...

क्या घर में लगा सकते हैं गोल शीशा

जब घर में शीशा लगाने की बारी आती है तो लोग कई तरह के सवालों से कन्फ्यूजन हो जाते हैं। शास्त्र के नियमों की मानें तो घर में गोल शीशा लगवा सकते हैं। हालांकि घर में वर्गाकार और आयताकार शीशा लगवाना ज्यादा शुभ माना जाता है। मान्यता ऐसी है कि गोल शीशे की वजह से एनर्जी में अस्थिरता आ जाती है। अगर बाथरूम में गोल शीशा लगवाना है तो यहां पर इसे लगा सकते हैं। दरअसल बाथरूम जैसी जगहों पर गोल शीशा लगाना शुभ माना जाता है।

बेडरूम में किस ओर लगाएं शीशा?

इस सवाल का जवाब वैसे तो ना ही है। माना जाता है कि बेडरूम में शीशा रखने से जिंदगी में तनाव बढ़ने लगता है और धीरे-धीरे जिंदगी में सब कुछ नेगेटिव ही होता चला जाता है। वहीं बेडरूम में शीशा दक्षिण या फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाया जाता है तो इसे आमतौर पर अशुभ ही मानते हैं। अगर बहुत जरूरी है तो शास्त्र के नियम के अनुसार बेडरूम में शीशा रख सकते हैं। नियम के हिसाब से बेडरूम में शीशा उत्तर या फिर उत्तर-पूर्व दिशा में रखा जा सकता है। इस दिशा में अगर शीशा रखा जाए तो इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। वहीं बेडरूम में पूर्व दिशा की ओर शीशा लगाने से बिल्कुल बचना चाहिए। इस दिशा में शीशा लगाने से बैचेनी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और हो सकता है कि लोगों को गुस्सा भी ज्यादा आए।

ध्यान में रखें ये बातें

घर में लगे हुए शीशे की नियमित रूप से सफाई जरूरी है। कोशिश करनी चाहिए कि अगर कोई शीशा टूट गया है तो समय रहते इसकी मरम्मत कर दी जाए। साथ ही नियम के अनुसार बेडरूम में बेड के ठीक सामने शीशा नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो जिंदगी में नेगेटेविटी बढ़ने लगती है और सारे काम में रुकावट आने लगती है। आजकल डेकॉर के नाम पर लोग किचन में शीशा रख देते हैं जोकि ठीक नहीं है। कई बार लोग एक्स्ट्रा शीशा होने की वजह से उसे स्टोर रूम में रख देते हैं जोकि सही नहीं है। स्टोर रूम में शीशा रखने से घर में तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है। इस वजह से घर में शीशा लगाते वक्त वास्तु के नियमों को एक बार जरूर चेक कर लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

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