Vastu Tips: घर में कहां रखें मिट्टी का घड़ा? नोट कर लें वास्तु नियम और लाभ
Vastu Shastra: वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है। घर में किस वस्तु को किस स्थान पर रखा जाए, यह समझने से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको मिट्टी का घड़ा या मटका चीजों को रखने की सही दिशा के बारे में बता रहे हैं।

Vastu Shastra: वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है। घर में किस वस्तु को किस स्थान पर रखा जाए, यह समझने से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको मिट्टी का घड़ा या मटका चीजों को रखने की सही दिशा के बारे में बता रहे हैं। क्योंकि गर्मियों की शुरुआत होते ही लोग ठंडा और शीतल जल पाने के लिए घर में मिट्टी का घड़ा या सुराही लाना शुरू कर देते हैं। भले ही लोग ठंडा पानी पीने के लिए फ्रीज भी रखते हैं। लेकिन मिट्टी के घड़े की बात अलग है। मिट्टी के घड़े का पानी तेज गर्मी में न सिर्फ प्यास बुझाकर ताजगी देता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। वहीं, अगर आप मटका रखने की सोच रहे हैं, तो वास्तु के मुताबिक उसे उचित दिशा में रखें, ताकि वास्तु दोष उत्पन्न ना हो। चलिए जानते हैं कि मिट्टी का घड़ा या मटका घर में कहां रखें?
नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम
वास्तु के अनुसार, नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा में मिट्टी से जुड़ी वस्तुओं को रखना बेहद शुभ माना जाता है। जिस तरह से ईशान कोण यानी कि उत्तर-पूर्व दिशा पृथ्वी तत्व से जुड़ा है। वैसे ही दक्षिण-पश्चिम दिशा का संबंध भी पृथ्वी तत्व से होता है। मिट्टी से संबंधित चीजें इस दिशा में रखने से घर में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार मिट्टी का घड़ा या मटका रखने के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है। इन दिशाओं का संबंध जल तत्व से होता है और इन्हें जल के देवता वरुण देव की दिशा भी माना जाता है।
मां लक्ष्मी की कृपा
मान्यता है कि इन दिशाओं में घड़ा रखने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। साथ ही, इस स्थान पर मिट्टी का घड़ा रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और वातावरण अधिक शांत व संतुलित बना रहता है।
इन बातों का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मिट्टी का घड़ा कभी भी खाली नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। इसलिए हमेशा घड़े में पानी भरकर ही रखें। मान्यता है कि खाली घड़ा घर में दरिद्रता और नकारात्मकता को बढ़ावा देता है।
साफ-सफाई का रखें ध्यान
इसके साथ ही घड़े को रखने की जगह का भी विशेष ध्यान रखें। इसे हमेशा साफ और पवित्र स्थान पर ही रखें। शौचालय, जूते-चप्पलों के पास या गंदगी वाली जगहों पर घड़ा रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर का वातावरण प्रभावित होता है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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