Vastu Shastra: डाइनिंग टेबल पर ना रखें ये चीजें, भारी पड़ सकती है आपकी छोटी सी भूल
Vastu Tips for Dining Table: घर का वास्तु सही हो तो सुख-समृद्धि अपने आप आने लगती है। अगर घर में रखी हुई चीजों का प्लेसमेंट सही ना हो तो वास्तु दोष लग सकता है, जिसकी वजह से जिंदगी में रुकावट पैदा होती है। नीचे जानिए कि डाइनिंग टेबल पर किन चीजों को रखने से नेगेटिविटी आती है?

Dining Table Vastu Tips: घर की सुख-शांति के लिए कई चीजें मायने रखती हैं और सबसे बड़ा रोल वास्तु प्ले करता है। अगर घर की दिशा और वहां मौजूद चीजें सही तरीके से रखी हो तो नेगेटिव एनर्जी का स्कोप बहुत कम बचता है। कई बार सब कुछ ठीक होते हुए भी कई चीजों में रुकावट ही आती रहती है। ऐसे में कुछ लोग किस्मत को कोसने बैठ जाते हैं तो कुछ घर की शांति के लिए कराई गई पूजा-पाठ में हजारों-लाखों खर्च कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के हिसाब से सिर्फ कुछ चीजों के सही प्लेसमेंट से ही तमाम चीजें सही की जा सकती है। आज बात करेंगे घर में रखे हुए डाइनिंग टेबल के बारे में। शास्त्र के मुताबिक डाइनिंग टेबल पर गलत चीजें कभी नहीं रखनी चाहिए। तो चलिए नीचे जानते हैं कि इससे जुड़े कौन से नियम हैं?
डाइनिंग टेबल पर ना रखें ये चीजें
डाइनिंग टेबल की एनर्जी सही होनी जरूरी है क्योंकि यही पर बैठकर घर के सभी सदस्य खाना खाते हैं। ऐसे में इसके आसपास भी नेगेटिव एनर्जी नहीं होनी चाहिए। शास्त्र के हिसाब से अगर नियम के अनुसार डाइनिंग टेबल पर चीजें ना रखी जाए तो इसकी वजह से नेगेटिविटी बढ़ सकती है। इस नेगेटिविटी का असर घर के सभी सदस्यों की जिंदगी पर पड़ सकता है। बता दें कि इस नेगेटिविटी की वजह से ही घर में वास्तु दोष भी हो सकता है। शास्त्र के अनुसार डाइनिंग टेबल पर भूलकर भी चाबी का गुच्छा नहीं रखना चाहिए। अक्सर ऐसा होता है कि कहीं से आते या जाते वक्त डाइनिंग टेबल पर ही चाभी रख दी जाती है लेकिन इस आदत को सुधारने की जरूरत है।
रखें इन बातों का भी ध्यान
इसके अलावा वास्तु के नियम के अनुसार डाइनिंग टेबल पर कुछ और भी चीजें हैं, जिन्हें रखने से हमेशा बचना चाहिए। नियम के अनुसार डाइनिंग टेबल पर दवाइयों का बॉक्स नहीं रखना चाहिए। इस वजह से भी घर का वास्तु खराब होता है और सदस्यों के मन में इस वजह से बैचेनी बढ़ती है। साथ ही यहां पर किताबें रखने से भी बचना चाहिए। तमाम लोग डाइनिंग टेबल पर आर्टिफिशियल फूल या फिर फल रख देते हैं ताकि घर के डेकॉर में चार चांद लग जाए लेकिन इन चीजों को डाइनिंग टेबल के आसपास रखने से बचना चाहिए। इस बात का भी ख्याल रखें कि जरूरत ना हो तब डाइनिंग खाली और साफ रहें। नियमित रूप से इसकी सफाई जरूरी है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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