नॉर्मल कपूर से कितना अलग है भीमसेनी कपूर? रोज शाम जलाने से दूर होगी बुरी से बुरी नजर
Bhimseni Kapur Benefits: क्या आप नॉर्मल कपूर और भीमसेनी कपूर में फर्क नहीं पहचान पाते हैं? जानें दोनों की पहचान कैसे की जाए और साथ में जानें भीमसेनी कपूर से नजर उतारने का आसान सा तरीका।

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कपूरा का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। आम तौर पर लोग नॉर्मल और भीमसेनी कपूर दोनों का ही इस्तेमाल करते हैं। हालांकि कम ही लोग इनके बीच का सही अंतर जान पाते हैं। धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में भीमसेनी कपूर को थोड़ा ज्यादा पावरफुल माना जाता है और इसी वजह से इसे महत्व भी खूब दिया जाता है। आज जानेंगे कि आखिर इनके बीच का अंतर क्या है और भीमसेनी कपूर की मदद से किस तरह से बुरी नजर उतारी जा सकती है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर भीमसेनी कपूर आखिर इतना खास क्यों माना जाता है?
क्या है भीमसेनी कपूर?
दरअसल भीमसेनी कपूर को नेचुरल कपूर के तौर पर देखा जाता है। नॉर्मल कपूर की तुलना में इसकी महक ज्यादा स्ट्रॉन्ग और लंबे समय तक रहने वाली होती है। यही वजह है कि पूजा-पाठ, आरती और किसी भी धार्मिक काम के लिए भीमसेनी कपूर को ही लोग ज्यादा प्रिफरेंस देते हैं।
नॉर्मल कपूर और भीमसेनी कपूर में अंतर
नॉर्मल कपूर हर दिन होने वाली पूजा और आरती में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं भीमसेनी कपूर को वास्तु उपायों में ज्यादा महत्व दिया जाता है। इसकी सुगंध इतनी पावरफुल होती है कि मान्यता यही है कि इससे नेगेटिव एनर्जी कम होती है और घर में पॉजिटिव वाइब्स आती हैं। इसी वजह से इसे खास तौर पर शाम में होने वाली पूजा में इस्तेमाल किया जाता है। वैसे कोई नियम नहीं है लेकिन नजर वगैरह उतारने और घर के औरा को क्लींज करने के लिए इस कपूर को ज्यादा अच्छा माना जाता है।
शाम में भीमसेनी कपूर जलाने के फायदे
1. भीमसेनी कपूर शाम को हमेशा जलाएंगे और इसका धुआं पूरे घर में दिखाएंगे तो माहौल पॉजिटिव बनेगा।
2. इस कपूर के धुएं से मन शांत रहेगा और तनाव भी छूमंतर हो जाएगा।
3. मान्यता है कि हर शाम इसका धुआं दिखाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
भीमसेनी कपूर से बुरी नजर ऐसे उतारें
वास्तु शास्त्र के अनुसार बुरी नजर उतारने के लिए शाम को भीमसेनी कपूर जलाएं। इसका धुआं पूरे घर में घुमाएं। अब जिसे नजर लगी है उसके ऊपर 7 बार इसे वार दें और बाहर बालकनी में रख दें। माना जाता है कि इस उपाय से घर की नेगेटिव एनर्जी भी खत्म होती है और बुरी नजर का प्रभाव भी काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि इस प्रक्रिया तो कुछ-कुछ दिन बाद दोबारा करने से ये ज्यादा असर करेगा। आप इस उपाय को रोज भी कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
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