वास्तु शास्त्र टिप्स: ऑफिस डेस्क पर खाते हैं खाना? संभल जाएं नहीं तो होगा ये नुकसान

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Office Desk Vastu Tips: अगर आप ऑफिस के डेस्क पर खाना खाते हैं तो अब संभल जाने की जरूरत है क्योंकि ऐसा करके आप खुद को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। 

वास्तु शास्त्र टिप्स: ऑफिस डेस्क पर खाते हैं खाना? संभल जाएं नहीं तो होगा ये नुकसान

वास्तु शास्त्र हमारी रोजमर्रा की लाइफ में काफी अहम रोल निभाता है। घर से लेकर ऑफिस में भी वास्तु से संबंधित चीजें हैं। इन दोनों ही जगह पर वास्तु का सही होना जरूरी है। वो कहते हैं ना कि वर्क और पर्सनल लाइफ के बीच का बैलेंस सही होना चाहिए। उसी तरह ना सिर्फ घर में वास्तु से जुड़े नियमों का पालन करना चाहिए बल्कि ऑफिस में भी इस बात का ध्यान रखना जरूरी है। ऑफिस के डेस्क से लेकर वहां पर बैठकर काम करने की दिशा से जुड़े कई वास्तु नियम हैं, जिनका सही से पालन ना करने पर हमारा काम और फोकस बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर ऑफिस से जुड़े वास्तु नियम क्या हैं?

आम तौर पर लोग ऑफिस में कैंटीन या फिर पैंट्री में जाकर खाना खाते हैं। हालांकि कई बार समय बचाने के चक्कर में लोग अक्सर अपने डेस्क पर ही खाना खा लेते हैं। ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, कई लोग लंच ब्रेक लेने के बजाय लैपटॉप के सामने बैठकर जल्दी-जल्दी खाना खत्म कर लेते हैं। कई बार लोगों को काम का प्रेशर इतना ज्यादा होता है कि लोग अलग से खाने का समय निकाल नहीं पाते हैं और ना ही इसे जरूरी समझते हैं। हालांकि वास्तु और हेल्थ के लिहाज से भी ये आदत सही नहीं है।

डेस्क पर क्यों ना खाएं खाना?

वास्तु शास्त्र के हिसाब से ऑफिस के डेस्क पर खाना खाने से बचना चाहिए। दरअसल डेस्क पर खाना खाने से यहां की ऊर्जा प्रभावित होती है। डेस्क पर खाना खाने से ये यहां की ऊर्जा कम हो जाती है और इसका प्रभाव हमारी परफॉर्मेंस पर पड़ता है। ऑफिस डेस्क पर लैपटॉप और फाइल से संबंधित कई चीजें होती हैं और ऐसे में यहां की ऊर्जा पहले से ही भारी मानी जाती है। ऐसे में इधर खाना खाकर हम नकारात्मकता बढ़ा सकते हैं। इससे मन अशांत रहने लगेगा और काम में फोकस भी बिगड़ेगा। यही वजह है कि वास्तु में ऑफिस डेस्क पर खाने को सही नहीं माना जाता है।

लंच ब्रेक जरूर लें

वास्तु के हिसाब से दिन में कुछ देर के लिए ब्रेक जरूर लेना चाहिए और लंच ब्रेक पर डेस्क से दूर ही रहना चाहिए। इससे कुछ देर के लिए मन शांत रहता है और दिन भर के लिए अच्छी एनर्जी भी बची रहती है। इस वजह से छोटे-छोटे ब्रेक्स भले ही वो 1 से 2 मिनट के हो, जरूर लेने चाहिए। इससे परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है और मन भी काम में लगता है।

डेस्क पर ना फैलाएं गंदगी

शास्त्र के हिसाब से ऑफिस डेस्क को हमेशा साफ रखना चाहिए और यहां पर गंदगी की कोई भी गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। साथ ही डेस्क पर किसी भी नुकीली चीज को रखने से बचना चाहिए। अगर ऐसी कोई चीज जरूरी है तो उसे ड्रॉवर में रखें। ऑफिस डेस्क पर जितना कम सामान होगा काम में मन भी उतना ही लगेगा। साथ ही यहां पर मनी प्लांट या फिर जेट प्लांट रखना भी अच्छा माना जाता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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