Vastu Shastra: नए घर के निर्माण के समय जरूर करें ये 5 काम, बिना किसी बाधा के तैयार होगा सपनों का महल

Mar 16, 2026 11:06 am ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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वास्तु शास्त्र के अनुसार, नए घर निर्माण के समय जरूर करें ये 5 काम। नैऋत्य कोण में सामग्री, ईशान ढलान, शुभ मुहूर्त, दक्षिण दिशा टोटका और कंपाउंड वॉल से बिना किसी बाधा के सपनों का महल तैयार होगा। जानिए पूरी विधि।

Vastu Shastra: नए घर के निर्माण के समय जरूर करें ये 5 काम, बिना किसी बाधा के तैयार होगा सपनों का महल

मकान निर्माण एक लंबी और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें जल्दबाजी करने से बचना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शुभ मुहूर्त, सही दिशा और कुछ सरल नियमों का पालन करने से निर्माण कार्य बिना रुकावट के पूर्ण होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। अगर ग्रह गोचर, महादशा-अंतर्दशा और शुभ नक्षत्र का ध्यान रखा जाए, तो घर ना केवल मजबूत बनेगा, बल्कि जीवन में भी स्थिरता आएगी। आइए जानते हैं नए घर निर्माण के समय जरूर करने वाले 5 महत्वपूर्ण काम।

शुभ मुहूर्त के साथ धैर्य भी जरूरी

मकान निर्माण शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त अवश्य निकलवाएं। जन्मपत्री में चल रही महादशा, अंतर्दशा और ग्रह गोचर के साथ संयोग देखें। शुभ नक्षत्र और शुभ दिन पर भूमि पूजन करें। निर्माण के दौरान धीरज और शांति बनाए रखें। जल्दबाजी से गलतियां होती हैं, जबकि सही समय पर काम शुरू करने से बाधाएं कम होती हैं और कार्य समय पर पूर्ण होता है।

लेबर को काम समाप्ति पर दक्षिण दिशा में देखने का टोटका

प्रतिदिन जब मजदूर, मिस्त्री या लेबर काम समाप्त करें, तो उन्हें कहें कि दक्षिण दिशा की ओर गर्दन ऊंची करके देखें और फिर काम खत्म करें। यह सरल वास्तु टोटका गृहस्वामी के लिए मंगलकारी होता है। दक्षिण दिशा यम की दिशा है, जो स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करती है। इस टोटके से निर्माण कार्य में रुकावटें कम होती हैं और कार्य सुचारु रूप से चलता है।

निर्माण सामग्री नैऋत्य कोण में रखें

मकान निर्माण के लिए आने वाली सभी सामग्री (ईंट, सीमेंट, लोहा, रेत आदि) नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) में रखें। निर्माण शुरू करने से पहले ही इस कोण में एक छोटा कमरा या गोदाम बनवा लें। नैऋत्य कोण पृथ्वी तत्व से जुड़ा होता है, जो स्थिरता और मजबूती देता है। अगर सामग्री वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) में रखी जाए, तो चोरी या नुकसान का भय रहता है।

मुख्य गृह से पहले परिसर की चारदीवारी बनवाएं

मुख्य मकान निर्माण शुरू करने से पहले पूरे भूखंड को घेरती हुई मजबूत चारदीवारी बनवा लें। यह वास्तु नियम सुरक्षा और गोपनीयता के लिए आवश्यक है। चारदीवारी से नकारात्मक ऊर्जा और बाहरी हस्तक्षेप रुकता है। नैऋत्य कोण में सामग्री रखने के बाद ही मुख्य निर्माण शुरू करें। इससे कार्य में रुकावटें नहीं आती और घर मजबूत बनता है।

भूखंड का ढलान और आकार वास्तु अनुसार चुनें

नारद संहिता के अनुसार, भूखंड का ढलान ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। यह स्थिति गृहस्वामी के लिए वृद्धिदायक और धन-समृद्धि देने वाली होती है। अगर ढलान अन्य दिशाओं में हो, तो हानिकारक मानी जाती है। भूखंड का आकार, क्षेत्रफल, कोण और तल वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए। यदि वास्तु नियम लागू ना हों, तो ऐसे भूखंड को त्याग देना बेहतर है।

इन 5 कामों का पालन करने से निर्माण कार्य बिना किसी बड़ी बाधा के पूर्ण होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लेकर कार्य शुरू करें। आपके सपनों का महल मजबूत और सुखमय बनेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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