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वास्तु शास्त्र: क्या बेडरूम में शीशा लगा सकते हैं? बरतें ये सावधानियां नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

वास्तु शास्त्र: क्या बेडरूम में शीशा लगा सकते हैं? बरतें ये सावधानियां नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

संक्षेप:

घर में शीशा हर जगह लगाना शुभ नहीं माना जाता है। खासतौर पर बेडरूम के अंदर शीशा लगाने की मनाही होती है। हालांकि कुछ चीजों को ध्यान में रखकर बेडरूम में शीशा लगाया जा सकता है। 

Feb 11, 2026 02:04 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Mirror Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में ऐसे कई नियम बताए गए हैं जिससे घर की खराब एनर्जी को पॉजिटिविटी में बदला जा सकता है। जहां एक ओर शास्त्र में घर के हर कमरे की दिशा को लेकर नियम बताए गए हैं। वहीं घर के हर कोने में रखी जाने वाली चीजों से जुड़े भी कुछ नियम हैं। अब बात अगर शीशे की करें तो ये सबसे नाजुक चीज होती है लेकिन इसे गलत जगह पर रखने से पूरे घर का वास्तु दांव पर लग सकता है। आपने कई जगह सुना होगा कि शीशे को कभी भी बेडरूम के अंदर नहीं लगाना चाहिए। हालांकि लोगों के ड्रेसिंग टेबल बेडरूम में ही होते हैं। ऐसे में इस नियम का पालन कैसे किया जाए?

बेडरूम में शीशा क्यों नहीं?

बता दें कि वास्तु शास्त्र में शीशे का महत्व समझाया गया है। दरअसल शीशे की एनर्जी से घर के पांचों तत्व जैसे पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल और आकाश के बीच सही बैलेंस बना रहता है। ऐसे में इसे कहीं पर भी नहीं रख सकते हैं। शास्त्र के हिसाब से अगर शीशे को बेडरूम में रखा जाता है तो इससे घर की सुख-शांति भंग होती है। साथ ही मानसिक तनाव भी बढ़ता है और इस वजह से बेडरूम में तो सोना ही मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से बेडरूम में शीशे को रखने की मनाही होती है।

बेडरूम में शीशा लगाना जरूरी?

आप शीशा बेडरूम के अलावा कहीं और नहीं रख सकते हैं तो इसका भी ऑप्शन है। अब आपकी मजबूरी ही है तो वास्तु के नियम के आधार पर ही आप बेडरूम में शीशा रखने की कोशिश करें। शास्त्र के नियम के अनुसार शीशे को कमरे की उत्तर-पूर्व दिशा की ओर लगाएं। इस दौरान सुनिश्चित करें शीशा इस तरीके से रखा हो कि उसमें बेड ना नजर आएं। शास्त्र के अनुसार शीशे को इस तरह रखने से हमारी सोच का बैलेंस सबसे पहले बिगड़ता है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें शीशे को आपने किसी खिड़की के सामने ना रखा हो। कुछ नियमों को ध्यान में रखकर बेडरूम में शीशा लगाया जा सकता है।

रखें इन बातों का भी ध्यान

शीशा लगाने की सबसे सही जगह डाइनिंग टेबल के सामने वाला हिस्सा भी है। अगर आप यहां पर शीशा लगाएंगे तो इससे घर के धन-धान्य में वृद्धि होगी। साथ ही घर में खुशहाली का माहौल रहेगा। शीशे को इस तरह ना लगाएं कि उसमें कहीं का कूड़ा दिखता है। शीशे की कैचिंग पावर बहुत तेज होती है। ऐसे में ये घर में नेगेटिविटी बढ़ा सकता है। समय-समय पर इसकी साफ-सफाई भी जरूरी है। अगर शीशे पर धब्बे पड़ रहे हैं तो ये सही नहीं माना जाता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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