Vastu Tips: गलत तरीके से पेड़ काटने पर होता है नुकसान, घरवालों पर मंडराएंगे संकट के बादल, जानें सही नियम

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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आजकल घर बनाने, बिजली की तारें ठीक करने या धूप बढ़ाने के नाम पर लोग बिना सोचे-समझे पुराने पेड़ काट देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे बहुत गंभीर वास्तु दोष माना गया है। गलत तरीके से पेड़ काटने से घर की सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और पूरे परिवार पर संकट के बादल मंडराने लगते हैं।

Vastu Tips: गलत तरीके से पेड़ काटने पर होता है नुकसान, घरवालों पर मंडराएंगे संकट के बादल, जानें सही नियम

घर के आसपास या किसी प्लॉट पर लगे पेड़-पौधों को कई बार काटना मजबूरी हो जाता है। वैसे तो हम बिना सोचे-समझे पुराने पेड़ को काट देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, पेड़ काटना कोई साधारण काम नहीं है। गलत तरीके से पेड़ काटने से वास्तु दोष पैदा होता है, जिसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे मानसिक तनाव, आर्थिक हानि, स्वास्थ्य समस्या और पारिवारिक कलह बढ़ सकती है। सही नियमों का पालन करके हम प्रकृति का सम्मान कर सकते हैं और घर की सकारात्मक ऊर्जा को बचाए रख सकते हैं।

पेड़ का अपना आभामंडल और ऊर्जा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर पेड़ का अपना आभामंडल होता है। जब हम बिना किसी नियमों का ध्यान रखे पेड़ काटते हैं, तो वह स्थान शोक और नकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर घर के मुखिया पर पड़ता है। ऐसे में पेड़ काटने से पहले वास्तु नियमों को समझना बहुत जरूरी है।

देव वृक्षों को काटने का महापाप

पीपल, बरगद और गूलर को देव वृक्ष माना गया है। इनमें देवताओं और पितरों का वास होता है। इन्हें काटने से भारी वास्तु दोष, पितृ दोष और संतान संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अगर इन पेड़ों की शाखाएं दीवार या तारों को नुकसान पहुंचा रही हों, तब भी इन्हें काटने से पहले विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। बिना पूजा के इन पेड़ों को काटना बहुत अशुभ माना जाता है।

पेड़ काटने से पहले माफी और पूजा

पेड़ काटने से पहले उसकी पूजा जरूर करें। पूजा के दौरान पेड़ को गंध, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें। तने को सफेद कपड़े से ढककर उस पर सफेद सूत लपेटें। इसके बाद पेड़ से प्रार्थना करें कि उस पर रहने वाले सूक्ष्म जीव दूसरे स्थान पर चले जाएं। पूजा के बाद ही काटने का कार्य शुरू करें। कहा जाता है कि ऐसा करने से वास्तु दोष की संभावना काफी कम हो जाती है।

शुभ समय और निषिद्ध दिन

पेड़ काटने के लिए कुछ दिन और नक्षत्र विशेष रूप से शुभ माने गए हैं। चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी तिथि अच्छी मानी जाती है। शुभ नक्षत्रों में मृगशिरा, पुनर्वसु, अनुराधा, हस्त, मूल, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, स्वाति और श्रवण शामिल हैं। पेड़ काटने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होता है।

निषिद्ध दिन: भूलकर भी मंगलवार, शनिवार या अमावस्या को पेड़ ना काटें। गुरुवार और रविवार को भी बचना चाहिए। दोपहर में पेड़ काटने से बचें।

दिशाओं का महत्व और क्षतिपूर्ति

ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थित पेड़ काटना सबसे हानिकारक माना जाता है। यह सात्विक ऊर्जा का द्वार है, इसलिए यहां का पेड़ काटने से किस्मत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दक्षिण दिशा में पेड़ हटाना अपेक्षाकृत कम हानिकारक होता है। पेड़ को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर से काटना शुरू करें। वास्तु शास्त्र में प्रकृति के ऋण का भुगतान का नियम है। अगर एक पेड़ काटना पड़े, तो उसके बदले कम से कम 10 नए पौधे लगाएं। जब ये पौधे फलने-फूलने लगें, तब क्षतिपूर्ति पूरी मानी जाती है।

सही विधि और शुभ मुहूर्त में पेड़ काटने से वास्तु दोष नहीं लगता। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार पर संकट के बादल नहीं मंडराते हैं। वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पेड़ काटने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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