
वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए आपका घर? यहां जानें सबकुछ
हर व्यक्ति चाहता है कि उसका घर परफेक्ट हो। वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखने से व्यक्ति का घर परफेक्ट हो सकता है। माना जाता है कि घर की सही दिशा और कमरों की उपयुक्त स्थिति आर्थिक स्थिरता और सेहत में सुधार भी लाती है।
हर व्यक्ति चाहता है कि उसका घर परफेक्ट हो। वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखने से व्यक्ति का घर परफेक्ट हो सकता है। माना जाता है कि घर की सही दिशा और कमरों की उपयुक्त स्थिति आर्थिक स्थिरता और सेहत में सुधार भी लाती है। वहीं, वास्तु दोष होने पर घर में तनाव, पैसों की रुकावट, अनबन और सेहत से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए यह जानना बेहद आवश्यक है कि घर के हर हिस्से की सही दिशा और व्यवस्था कैसी होनी चाहिए। आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार आपका घर कैसा होना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है…
मुख्य द्वार- वास्तुशास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार घर की ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है, इसलिए इसका शुभ होना बेहद जरूरी है। दरवाजा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होना सबसे अच्छा माना जाता है। दरवाजे के सामने बड़ा पेड़, खंभा या गड्ढा नहीं होना चाहिए। मुख्य द्वार मजबूत होना चाहिए और उस पर स्वास्तिक या “ॐ” जैसे शुभ चिन्ह होने चाहिए।
लिविंग रूम- लिविंग रूम उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है। यह घर की ऊर्जा को दिशा देता है, इसलिए इसे हमेशा साफ और हल्का रखना चाहिए। सोफा दक्षिण या पश्चिम दीवार की ओर रखें।
किचन- किचन दक्षिण-पूर्व दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि इसे अग्नि तत्व की दिशा कहा गया है। गैस स्टोव पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। सिंक या आरओ उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए।
बेडरूम- मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह स्थिरता और रिश्तों में मजबूती लाता है। सोते समय सिर दक्षिण दिशा की ओर रखना स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए लाभकारी है। बेड के सामने दर्पण नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह अनबन और टकराव को बढ़ाता है।
पूजा कक्ष- पूजा घर के लिए उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण सबसे शुभ दिशा मानी जाती है। यह आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है। भगवान की मूर्तियां पूर्व या पश्चिम दिशा में रखनी चाहिए। पूजा स्थान कभी भी बेडरूम, बाथरूम या सीढ़ियों के नीचे नहीं होना चाहिए।
बच्चों का कमरा- बच्चों का कमरा पश्चिम दिशा में होना अच्छा माना जाता है। पढ़ाई की मेज उत्तर या पूर्व की ओर रखने से ध्यान बढ़ता है।
बाथरूम- बाथरूम पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। उत्तर-पूर्व दिशा में टॉयलेट बनाना अत्यंत अशुभ माना जाता है। पानी की निकासी उत्तर या पूर्व दिशा में हो तो सकारात्मकता बनी रहती है।
घर के रंग
घर में हल्के, शांत और प्राकृतिक रंग अधिक शुभ होते हैं।
लिविंग रूम के लिए सफेद, क्रीम या हल्का नीला।
बेडरूम के लिए हल्का गुलाबी, पीला या क्रीम।
किचन के लिए हल्का लाल या पीला।
बच्चों के कमरे में हल्का हरा या आसमानी नीला।
क्या न रखें घर में?- घर में टूटे सामान, बंद घड़ी, मुरझाए पौधे, भारी सामान उत्तर-पूर्व में या बेड के नीचे सामान भरकर रखना नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।
वास्तु के आसान उपाय- रोज घर में दीपक या धूप जलाएं। मुख्य द्वार को हमेशा रोशनी और सफाई से रखें। नमक के पानी से पोछा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और उत्तर-पूर्व दिशा में हल्की रोशनी हमेशा शुभ मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





