Vastu Dosh: अगर घर तिकोना या एल शेप का है तो वास्तु के अनुसार क्या हैं दोष

लाइव हिन्दुस्तान
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वास्तु के अनुसार घर की शेप भी बहुत मायने रखती है। अगर आपका घर आयताकार, वर्गाकारया तिकोना है तो आपको इससे जुड़े वास्तु दोषों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।  

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क्या आपका घर भी ऐसे आकार वाला है। अगर वास्तु के अनुसार आपका घर तिकोने आकार का है, या फिर चार कोने ना होकर आपके घर में कई कोने हैं तो वास्तु के अनुसार आपको इसके बारे में जानना चाहिए। इसके अलावा गोल भूखंड वाला घर भी ठीक नहीं होता है। वास्तु के अनुसार इससे कई तरह की परेशानियों को आपको झेलना पड़ता है। वहीं जिसका घर एल शेप का होता है, वो भी आपके लिए अच्छा नहीं माना जाता है। यहां आप इससे जुड़े वास्तु दोष जान सकते हैं। अगर आपका घर इस तरह का है, तो इससे जुड़े वास्तु दोष जानें और उन्हें सही करने के उपाय करें। आपको बता दें कि घर आयताकार या वर्गाकर ही अच्छे माने जाते हैं। इसलिए अगर आपको इसके अलावा किसी आकार का घर मिल रहा है तो यहां पढ़ें

तिकोना भूखंड वाला घर हो तो क्या करें

अगर आपका घर तीन कोनेवाला भूखंड है तो वास्तु के अनुसार भी यह अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे भूखंड में कोर्ट, कानूनी विवाद, दुर्घटनाओं का भय तथा मानसिक तनाव बना रहता है। इसलिए ऐसे घर को लेने से बचना चाहिए।

बहुत कोनों वाला भूखंड हो तो क्या करें

ऐसे भूखंड, जिसमें बहुत सारे कोने निकले हुए हों। वह पारिवारिक कलह, अशांति, आर्थिक नुकसान की समस्या देता है। इसलिए कोशिश करें कि ऐसा घर ना खरीदें, जिसके कई कोने निकले हों। इसमें गौमुखी और शेरमुखी घर भी होता है, उसके बारे में भी कहीं से जान लें?

गोल भूखंड का घर हो तो क्या करें

गोल भूखंड पर बना घर आर्थिक उतार-चढ़ाव दे सकता है। इस तरह का घर ना ही खरीदें तो अच्छा है, क्योंकि आप इसमें आसानी से एडजस्ट भी कर पाएंगे। वास्तु के अनुसार आपके पास पैसा आएगा और पैसा चला भी जाएगा।

एल शेप वाला भूखंड हो तो क्या करें

एल शेप वाले भूखंड में दो दिशाएं होती ही नहीं। ऐसा भूखंड जीवन में कुछ-न-कुछ कमी बनाए रखता है। एल शेप में अक्सर एक या दो दिशाओं के कोने नहीं होते हैं। अगर आपका उत्तर पूर्व का कोना नहीं है तो आपको पैसों से जुड़ी और हेल्थ से जुड़ी दिक्कत रहेगी, वहीं अगर दक्षिण और पश्चिम दिशा में एल-आकार का उठा हुआ या बढ़ा हुआ हिस्सा वास्तु के अनुसार अच्छा माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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