वरलक्ष्मी व्रत 2026: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का खास दिन, नोट कर लें डेट और पूजा का समय

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28 अगस्त 2026 को वरलक्ष्मी व्रत। मां लक्ष्मी की पूजा का सही समय, शुभ मुहूर्त और इस साल के खास संयोग जानें। समृद्धि और सुख के लिए व्रत की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

varalakshmi vrat 2026
वरलक्ष्मी व्रत 2026

हर साल सावन महीने के आखिरी शुक्रवार को वरलक्ष्मी व्रत मनाया जाता है। यह दिन मां लक्ष्मी के वरलक्ष्मी रूप को समर्पित है। भक्त इस अवसर पर धन, समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए देवी की पूजा करते हैं। साल 2026 में यह व्रत 28 अगस्त को पड़ रहा है और कई खास खगोलीय संयोगों के कारण और भी शुभ माना जा रहा है। इस खास अवसर पर सही समय पर पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

वरलक्ष्मी व्रत की तिथि और महत्व

पंचांग के अनुसार, सावन माह का अंतिम शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को है। यह दिन सावन मास की समाप्ति का भी प्रतीक है। वरलक्ष्मी का अर्थ है वर देने वाली लक्ष्मी। इस दिन की गई आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। विवाहित महिलाएं विशेष रूप से इस व्रत को परिवार की भलाई के लिए रखती हैं।

पूजा के शुभ मुहूर्त

इस दिन स्थिर लग्न में देवी लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह जल्दी का समय पूजा के लिए उत्तम है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास फलदायी रहता है। सिंह लग्न, वृश्चिक लग्न, कुंभ लग्न और वृषभ लग्न में भी पूजा करने से अच्छा फल मिलता है। स्थानीय पंचांग देखकर सही समय चुनें।

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इस साल के खास खगोलीय संयोग

2026 में वरलक्ष्मी व्रत श्रावण पूर्णिमा के साथ आ रहा है। पूर्ण चांद वाले दिन पवित्र स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। साथ ही श्रावणी उपाकर्म की रस्म भी होगी, जिसमें नया जनेऊ पहनना और ऋषि तर्पण शामिल है। इस दिन रक्षा बंधन का पर्व भी मनाया जाएगा, जिससे भाई-बहन के रिश्ते और मजबूत होते हैं। ये तीन संयोग व्रत को और फलदायी बना रहे हैं।

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पूजा विधि और सावधानियां

सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। कलश स्थापित करके मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। फूल, फल, मिठाई और दीपक अर्पित करें। व्रत कथा सुनना या पढ़ना जरूरी माना जाता है। पूरे दिन सात्विक भोजन करें और शाम को आरती के बाद प्रसाद ग्रहण करें। शुद्ध मन और श्रद्धा से की गई पूजा ही पूर्ण फल देती है।

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व्रत रखने से मिलने वाले लाभ

वरलक्ष्मी व्रत रखने से घर में धन की कमी दूर होती है और समृद्धि आती है। परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और स्वास्थ्य सुधरता है। मां लक्ष्मी की कृपा से बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। नियमित श्रद्धा से यह व्रत दीवाली के समान फलदायी माना जाता है। सही मुहूर्त में पूजा करके देवी को प्रसन्न करें।

28 अगस्त 2026 को वरलक्ष्मी व्रत का यह खास अवसर हाथ से ना जाने दें। पूजा का समय नोट करके श्रद्धापूर्वक आराधना करें, तो मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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